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Report by: Yogendra Singh

Mussoorie : मसूरी के निकटवर्ती टिहरी जनपद के नौथा गांव में इन दिनों सीवरेज की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। प्राकृतिक जल स्रोतों और खेतों की सिंचाई के लिए उपयोग होने वाली नहरों में सीवरेज का गंदा पानी मिलने से ग्रामीणों का जीना दुश्वार हो गया है। प्रशासन की अनदेखी और विभाग की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी समस्या का समाधान शीघ्र नहीं हुआ, तो वे न केवल उग्र आंदोलन करेंगे, बल्कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों का पूर्ण बहिष्कार भी करेंगे।

प्रदूषित पानी से खेती और पशुधन पर मंडराता खतरा

Mussoorie नौथा गांव के निवासियों—प्रभा देवी, चंपा देवी, मोहन सिंह और प्रेम सिंह सहित कई अन्य ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि मसूरी क्षेत्र से आने वाला दूषित पानी सीधे उनकी नहरों और खेतों में समा रहा है। इस गंदगी के कारण न केवल तैयार फसलें बर्बाद हो रही हैं, बल्कि पशु भी इस दूषित जल का सेवन कर बीमार पड़ रहे हैं।

पूरे गांव में फैली असहनीय दुर्गंध ने स्थानीय लोगों का स्वास्थ्य खतरे में डाल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले। ग्रामीणों ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर सरकार ग्रामीण विकास और पलायन रोकने की बड़ी-बड़ी बातें करती है, वहीं दूसरी ओर मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छता के अभाव में लोग पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं।

प्रशासनिक आश्वासन: सोकपीट और स्थायी समाधान की योजना

Mussoorie मामले की गंभीरता को देखते हुए अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि विभाग इस समस्या को लेकर गंभीर है। उन्होंने बताया कि तत्काल राहत के लिए एक सप्ताह के भीतर अस्थायी सोकपीट का निर्माण किया जाएगा, ताकि एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) से निकलने वाला गंदा पानी प्राकृतिक जल स्रोतों में न मिल सके।

दीर्घकालिक समाधान पर चर्चा करते हुए उन्होंने जानकारी दी कि सीवरेज के पानी को स्थायी रूप से दूसरी दिशा में मोड़ने के लिए 67 लाख रुपये का बजट प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। जैसे ही इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिससे गांव को इस समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

लापरवाह ठेकेदार पर गिरेगी गाज और भविष्य की कार्ययोजना

Mussoorie विभाग ने एसटीपी प्लांट के संचालन में बरती जा रही ढिलाई को स्वीकार किया है। अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान ठेकेदार, जो प्लांट के रखरखाव में विफल रहा है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विभागीय योजना के अनुसार, वर्तमान ठेकेदार का टेंडर निरस्त कर किसी सक्षम एजेंसी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

भविष्य की रणनीति के तहत, गढ़वाल जल संस्थान, जल निगम और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एसटीपी से उपचारित (Treat) किए गए पानी का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन कैसे हो। साथ ही, इस पानी को सुरक्षित रूप से पॉलीहाउस और कृषि कार्यों में उपयोग करने की संभावनाओं पर भी तकनीकी विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।

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