Report by: Mohd Athar Khan
Munger : बिहार के मुंगेर जिले में पिछले कुछ समय से ई-रिक्शा चालकों की नींद उड़ाने वाले गिरोह का पुलिस ने सफल उद्भेदन किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए न केवल ई-रिक्शा चोरी करने वाले मास्टरमाइंड को पकड़ा है, बल्कि उस सिंडिकेट का भी पर्दाफाश किया है जो चोरी के इन सामानों को बाजार में खपाता था। पुलिस की इस सफलता से क्षेत्र के ई-रिक्शा चालकों ने राहत की सांस ली है।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज: अस्पताल परिसर से हुई थी चोरी
Munger इस पूरे मामले की शुरुआत 8 मार्च को हुई, जब कासिम बाजार निवासी अजय राम का ई-रिक्शा मुंगेर सदर अस्पताल परिसर से रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। पीड़ित द्वारा मामला दर्ज कराए जाने के बाद एसपी सैयद इमरान मसूद ने पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
पुलिस ने जब अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध युवक की पहचान हुई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरबसराय मुर्गियाचक निवासी मो. इरशाद उर्फ अरसद टीपू को चिन्हित किया। गुप्त सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने देर रात टीपू के घर पर दबिश दी और उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान टीपू ने न केवल अजय राम का रिक्शा चुराने की बात कबूली, बल्कि शहर में सक्रिय पूरे नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया।
बैटरी और चार्जर का अवैध व्यापार: वसीर कॉलोनी में पुलिस की छापेमारी
Munger टीपू से मिली जानकारी के आधार पर कोतवाली पुलिस ने पूरबसराय वसीर कॉलोनी में छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने चोरी के सामान के मुख्य खरीदार मो. इमरान (पिता मो. जाकिर खान) को गिरफ्तार किया। इमरान के ठिकाने पर जब पुलिस ने तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
पुलिस ने इमरान के घर से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
- 11 चोरी की बैटरियां
- 05 ई-रिक्शा चार्जर
- 02 पूर्ण ई-रिक्शा
- मास्टर चाबियों का एक बड़ा गुच्छा
गिरफ्तार इमरान इन चोरी की बैटरियों को अवैध रूप से बाजार में बेचता था। टीपू रिक्शा चोरी कर उसकी बैटरी और चार्जर इमरान को सौंप देता था, जो आगे चलकर अन्य वाहन चालकों को कम दाम में बेच दिए जाते थे।
गिरोह का मोडस ऑपेरंडी: 10 हजार में सौदा और लावारिस रिक्शे
Munger पूछताछ में यह बात सामने आई कि मो. इरशाद उर्फ टीपू इस गिरोह का सरगना है और उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। वह पहले भी कई मामलों में जेल की हवा खा चुका है। टीपू की कार्यशैली बेहद शातिर थी; वह शहर के व्यस्त इलाकों की रेकी करता था और मौका मिलते ही मास्टर चाबी की मदद से ई-रिक्शा उड़ा ले जाता था।
एक ई-रिक्शा से निकाली गई चार बैटरियों का सौदा वह इमरान के साथ महज 9 से 10 हजार रुपये में कर लेता था। इसके बाद इमरान उन्हीं बैटरियों को प्रति बैटरी 5 से 7 हजार रुपये के हिसाब से जरूरतमंद या लालची चालकों को बेच देता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर माधोपुर हाई स्कूल और कोर्णाक मोड़ के पास से दो और ई-रिक्शा बरामद किए हैं। चोर गिरोह बैटरी निकालने के बाद रिक्शे की बॉडी को लावारिस हालत में सुनसान जगहों पर छोड़ देता था ताकि पकड़े जाने का खतरा कम रहे।
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