रिपोर्टर: सन्तोष सरावगी
Gauraghat Datia Police Beating Man Death Controversy : मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा से एक बेहद संवेदशनशील और आक्रोशित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ दो पुलिसकर्मियों पर एक नगरपालिका कर्मचारी की बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने सिटी थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
Gauraghat Datia Police Beating Man Death Controversy रास्ते के विवाद में खाकी का अमानवीय चेहरा
जानकारी के मुताबिक, डबरा नगरपालिका में कार्यरत रमेश वाल्मीकि अपनी नातिन को साथ लेकर ग्वालियर से अपने गांव मगरौरा लौट रहे थे। इसी दौरान सिमरिया टेकरी के पास दतिया जिले के गोराघाट थाने में तैनात दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। इसके बाद आपा खोते हुए दोनों पुलिसकर्मियों ने रमेश वाल्मीकि के साथ कथित तौर पर सरेराह बेरहमी से मारपीट की। गंभीर रूप से घायल रमेश को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों के प्रयासों के बावजूद उन्होंने दम तोड़ दिया।
Gauraghat Datia Police Beating Man Death Controversy इंसाफ के लिए परिजनों का फूटा गुस्सा, अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
रमेश की मौत की खबर फैलते ही वाल्मीकि समाज और पीड़ित परिवार के सब्र का बांध टूट गया। बड़ी संख्या में लोगों ने सिटी थाने पहुंचकर घेराव कर दिया। परिजनों का सीधा आरोप है कि पुलिसकर्मियों की बर्बरता के कारण ही रमेश की जान गई है। स्थिति को बिगड़ता देख अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर, एसडीओपी (SDOP) सौरभ कुमार और सिटी थाना प्रभारी संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।
Gauraghat Datia Police Beating Man Death Controversy निलंबन और हत्या का केस दर्ज करने की मांग, जांच जारी
पीड़ित परिवार ने प्रशासन के सामने स्पष्ट मांग रखी है कि आरोपी दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ हत्या (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा है कि शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर कानून के रखवालों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

