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रिपोर्टर: अमित कुमार

MP Coaching Centre : मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता, विद्यार्थियों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ‘मध्यप्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026’ का प्रारूप जारी किया है। इस नए ड्राफ्ट के लागू होने के बाद प्रदेशभर के कोचिंग सेंटरों को नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। अब कोचिंग संचालकों को न केवल अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर फीस और शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की पूरी जानकारी देनी होगी, बल्कि परिसरों में CCTV कैमरे और मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी।

अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और वेबसाइट पर मिलेगी पूरी पारदर्शिता

MP Coaching Centre नए नियमों के अनुसार, सभी कोचिंग सेंटरों को संचालन के लिए 90 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना होगा, जो तीन साल के लिए मान्य रहेगा। यदि किसी कोचिंग संस्थान की एक से अधिक शाखाएं हैं, तो प्रत्येक शाखा को एक अलग इकाई मानकर उसका अलग रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके अतिरिक्त, हर कोचिंग सेंटर के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट बनाना अनिवार्य किया गया है। इस वेबसाइट पर संस्थान की स्थापना का वर्ष, शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों की योग्यता, फीस संरचना (Fee Structure), रिफंड पॉलिसी, उपलब्ध सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था तथा शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी।

निजता के साथ CCTV सुरक्षा और मानसिक तनाव दूर करने को काउंसलिंग

MP Coaching Centre विद्यार्थियों की सुरक्षा के उद्देश्य से कोचिंग परिसरों में CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, विद्यार्थियों की गोपनीयता और निजता बनाए रखने के लिए शौचालय, चेंजिंग रूम और परामर्श कक्ष (Counseling Room) में कैमरे लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान छात्रों पर बढ़ने वाले मानसिक तनाव को दूर करने के लिए योग्य काउंसलर नियुक्त करने और नियमित परामर्श सत्र आयोजित करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए राज्य सरकार ने ‘टेली-मानस’ (14416) और ‘उमंग’ (1800-11-5246) जैसी हेल्पलाइन्स भी जारी की हैं।

निष्पक्षता, शिकायतों का निवारण और कलेक्टर की अध्यक्षता में निगरानी

MP Coaching Centre प्रस्तावित ड्राफ्ट में स्पष्ट किया गया है कि कोचिंग संस्थानों में जाति, धर्म, लिंग या अध्ययन में प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों के साथ कोई भेदभाव या अलग बैच नहीं बनाए जाएंगे। कोचिंग में पढ़ाने वाले ट्यूटर के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक होना आवश्यक होगा। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए परिसरों में शिकायत पेटियां लगाई जाएंगी और ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने और निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की जाएगी। यदि किसी संस्थान का पंजीकरण रद्द होता है, तो संचालक 30 दिनों के भीतर संभागायुक्त के समक्ष अपील दर्ज कर सकेंगे।

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