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MP Budget: 35 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की स्वास्थ्य बीमा योजना लाने की संभावना

कर्मचारियों और पेंशनरों को मिल सकती व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा

MP Budget: मध्यप्रदेश सरकार आगामी राज्य बजट में अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा कर सकती है। प्रस्तावित योजना के तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अधिकतम 35 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने की तैयारी है। यह योजना राजस्थान और हरियाणा जैसे राज्यों में लागू व्यवस्थाओं की तर्ज पर तैयार की जा रही है और इससे प्रदेश के 10 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनर लाभान्वित हो सकते हैं।

MP Budget: अंशदायी और कैशलेस मॉडल पर आधारित योजना

लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रारूप तैयार कर लिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार यह योजना अंशदायी होगी, यानी इसमें सरकार के साथ कर्मचारी का भी सीमित योगदान शामिल रहेगा।

योजना पूरी तरह कैशलेस होगी, जिससे लाभार्थियों को अस्पताल में इलाज के दौरान जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा, खासकर गंभीर और महंगे उपचारों के लिए।

MP Budget: कर्मचारी संगठनों से लिए गए सुझाव

सरकार ने योजना को अधिक व्यवहारिक और लाभकारी बनाने के लिए कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी आमंत्रित किए थे।

जिन्हें अंतिम प्रारूप में शामिल किया गया है। अब योजना को वित्त विभाग की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

मंजूरी मिलने के बाद फरवरी के पहले सप्ताह में इसे राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संभावना है।

राज्य स्वास्थ्य एजेंसी करेगी संचालन

इस योजना के संचालन की जिम्मेदारी राज्य स्वास्थ्य एजेंसी को सौंपी जाएगी। एजेंसी में कानून, बीमा और स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो योजना की निगरानी और क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे।

इसके तहत क्लेम प्रक्रिया, अस्पतालों की संबद्धता और उपचार पैकेज की दरें तय करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे।

परिवार के सदस्यों को भी मिलेगा लाभ

योजना का लाभ कर्मचारी के साथ-साथ उनके पति या पत्नी और आश्रित बच्चों को भी मिलेगा। सभी लाभार्थियों को फोटोयुक्त स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जाएंगे, जिससे इलाज के समय पहचान और सत्यापन आसान होगा। खास बात यह है कि पेंशनरों को भी इस योजना के दायरे में शामिल करने का प्रस्ताव है, जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।

डिजिटल सिस्टम से होगी कड़ी निगरानी

योजना के सुचारु संचालन के लिए एक तकनीकी टीम गठित की जाएगी, जो क्लेम प्रोसेसिंग, डिजिटल प्लेटफॉर्म, अस्पताल नेटवर्क और सेवाओं की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखेगी।

सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनरों को भरोसेमंद, पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करना है।

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