By: Yogendra Singh
Morena : मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। यहाँ एक सरकारी स्कूल के मुखिया और दो शिक्षकों ने मिलकर उन्हीं महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ किया, जो स्कूल में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती थीं। गुरु और शिष्य की परंपरा को तार-तार करने वाले इस मामले ने न केवल प्रशासन को हिला दिया है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने वीडियो साक्ष्य और पीड़िताओं के बयानों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
अश्लील वीडियो के प्रसार से हुआ घृणित अपराध का खुलासा
Morena इस काले कारनामे की परतें तब खुलनी शुरू हुईं जब सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक वीडियो तेजी से प्रसारित होने लगा। यह वीडियो निमास गांव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय का था, जिसमें हेडमास्टर अशोक कुमार पाठक को एक महिला रसोइया के साथ आपत्तिजनक अवस्था में देखा गया। शुरुआत में पीड़िताओं ने स्थानीय जौरा थाने में न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से उचित सहयोग न मिलने पर उन्हें मुरैना पुलिस अधीक्षक (SP) के द्वार खटखटाने पड़े। एसपी के हस्तक्षेप और सख्त निर्देशों के बाद, मामले की निष्पक्ष जांच हुई और हेडमास्टर अशोक कुमार पाठक के साथ शिक्षक भूप सिंह धाकड़ और धनीराम सिंह के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की गई।
नशीले पदार्थ और ब्लैकमेलिंग से बुना गया शोषण का जाल
Morena पुलिस जांच में यह भयावह तथ्य सामने आया कि शोषण का यह सिलसिला अचानक शुरू नहीं हुआ था, बल्कि इसे सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया। घटना की शुरुआत 15 अगस्त 2022 को हुई थी। स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर, जब देश आजादी का जश्न मना रहा था, तब आरोपी हेडमास्टर ने स्कूल परिसर के भीतर ही एक महिला रसोइया को नशीला पदार्थ मिश्रित कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश कर दिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। उस दौरान आरोपी ने पीड़िता का वीडियो बना लिया, जिसे हथियार बनाकर उसने लंबे समय तक महिला को अपनी हवस का शिकार बनाया।
पांच वर्षों तक चला सामूहिक दरिंदगी और प्रताड़ना का चक्र
Morena आरोपी हेडमास्टर ने न केवल स्वयं अपराध किया, बल्कि उसने अपने सहकर्मी शिक्षकों—भूप सिंह और धनीराम—को भी इस अपराध में शामिल कर लिया। हेडमास्टर ने पीड़िता का अश्लील वीडियो अपने साथियों को दिखाया, जिसके बाद तीनों आरोपियों ने मिलकर दो महिला रसोइयों को डराना-धमकाना शुरू कर दिया। लोक-लाज और वीडियो वायरल होने के डर से पीड़ित महिलाएं पिछले 5 वर्षों से इस नर्क को झेलने को मजबूर थीं। समाज के डर से जो महिलाएं अब तक खामोश थीं, वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद उन्होंने हिम्मत जुटाई और पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाई। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है।
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