By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण विकास, शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इन फैसलों से प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, साथ ही आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बैठक में सड़क निर्माण से लेकर मेट्रो विस्तार, आंगनवाड़ी योजनाओं और फसल बीमा तक के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बैठक के बाद मीडिया को इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी। ये फैसले प्रदेश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे। विशेष रूप से, पर्यटन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे, जिससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश: पर्यटन और कनेक्टिविटी को बढ़ावा
कैबिनेट ने राज्य में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। बड़वाह-धामनोद मार्ग को दो लेन से चार लेन में अपग्रेड करने की महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दी गई, जिसकी अनुमानित लागत करीब 2500 करोड़ रुपये है। यह प्रोजेक्ट हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत पूरा किया जाएगा, जिसमें राज्य सरकार और निजी भागीदारी शामिल होगी। इससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी।
इसके अलावा, महेश्वर जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए 63 किलोमीटर लंबे नए हाईवे की स्वीकृति दी गई। यह हाईवे दो प्रमुख नेशनल हाईवे को जोड़ेगा, जिससे पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि ये परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करेंगी और माल ढुलाई को तेज करेंगी। प्रदेश में सड़क निर्माण के इन कदमों से आने वाले वर्षों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और सुरक्षा मानक बेहतर होंगे।
ग्रामीण विकास की नई पहल: वृंदावन ग्राम अवधारणा
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ‘वृंदावन ग्राम’ अवधारणा को आगे बढ़ाया गया। इस योजना के तहत राज्य की 193 विधानसभा क्षेत्रों में चयनित गांवों को विकसित किया जाएगा। इन गांवों में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और जैविक खेती पर फोकस होगा, जिससे ग्रामीणों की आय बढ़ेगी। कैबिनेट ने निर्देश दिए कि शेष क्षेत्रों में जल्द चयन पूरा किया जाए। यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में क्रांतिकारी साबित होगी, क्योंकि इसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पर्यटन और हस्तशिल्प को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ग्रामीण पलायन रुकेगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलेगा।
शहरी परिवहन में मील का पत्थर: मेट्रो और मेट्रोपॉलिटन एरिया
भोपाल मेट्रो के सफल शुभारंभ के बाद इंदौर के लिए बड़ी खुशखबरी आई। केंद्र सरकार ने इंदौर अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव आएगा। यह प्रोजेक्ट शहर के व्यस्त क्षेत्रों में ट्रैफिक को कम करेगा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा।
साथ ही, भोपाल मेट्रोपॉलिटन एरिया का आधिकारिक नक्शा जारी किया गया। इसमें रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, विदिशा और राजगढ़ जिलों के कुल 2534 गांव शामिल हैं। यह क्षेत्र शहर की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाएगा और मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के लिए आधार प्रदान करेगा। इस पहल से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं पहुंचेंगी, जैसे बेहतर सड़कें, पानी और बिजली। यह कदम प्रदेश को मेट्रो शहरों की श्रेणी में आगे ले जाएगा और निवेश को आकर्षित करेगा।
स्वास्थ्य और बाल विकास क्षेत्र में निरंतरता
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को अपनाया जाएगा। इससे मेडिकल कॉलेजों का तेजी से विकास होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा 23 दिसंबर को धार और बैतूल में नए मेडिकल कॉलेजों का भूमिपूजन करेंगे, जो प्रदेश के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देगा।
आंगनवाड़ी सेवा योजना को 2026-27 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई। यह योजना बच्चों के पोषण, पूर्व शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य पर केंद्रित है। इससे लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा और बाल मृत्यु दर में कमी आएगी। कैबिनेट ने इस योजना के लिए आवश्यक बजट और संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की।
कृषि क्षेत्र की सुरक्षा: फसल बीमा योजना का विस्तार
किसानों के हित में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत WINDS (वेदर इंफॉर्मेशन नेटवर्क एंड डाटा सिस्टम) कार्यक्रम को लागू करने की स्वीकृति दी गई। इसके अंतर्गत हर ग्राम पंचायत में ऑटोमैटिक रेन गेज और हर तहसील में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन लगाए जाएंगे। यह तकनीक मौसम की सटीक जानकारी देगी, जिससे फसल नुकसान का आकलन आसान होगा और किसानों को समय पर मुआवजा मिलेगा। यह निर्णय जलवायु परिवर्तन के दौर में कृषि को सुरक्षित बनाएगा और किसानों का विश्वास बढ़ाएगा।
कुल मिलाकर, ये फैसले मध्य प्रदेश को एक मजबूत, समृद्ध और आधुनिक राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये निर्णय जनता की आकांक्षाओं को पूरा करेंगे और प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। आने वाले दिनों में इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर नजर रहेगी, ताकि लाभ जमीन स्तर तक पहुंचे।
