नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी गहरी प्रशंसा व्यक्त की है। हाल ही में एक कार्यक्रम में पुतिन ने कहा कि भारत बहुत भाग्यशाली है कि उसके पास नरेंद्र मोदी जैसा नेता है, जो चौबीसों घंटे केवल और केवल भारत के लिए सोचता है, भारत के लिए जीता है और भारत के लिए सुख-समृद्धि के लिए काम करता है। रूसी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
पुतिन ने अपने संबोधन में स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं नरेंद्र मोदी को लंबे समय से जानता हूँ। वह एक सच्चे देशभक्त हैं। वह दिन-रात भारत की तरक्की और भारतीय जनता की भलाई के बारे में सोचते हैं। ऐसे नेता मिलना बहुत मुश्किल होता है जो अपनी निजी जिंदगी को भी देश के लिए समर्पित कर दें। भारत वाकई बहुत लकी है।” रूसी राष्ट्रपति ने यह भी जोड़ा कि मोदी का नेतृत्व न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए एक बड़े हिस्से के लिए प्रेरणादायक है।
यह पहला मौका नहीं है जब पुतिन ने मोदी की तारीफ की हो। पिछले कई वर्षों में दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत दोस्ती और विश्वास का रिश्ता लगातार मजबूत हुआ है। चाहे वह जी-20 सम्मेलन हो, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन हो या फिर द्विपक्षीय मुलाकातें, हर बार पुतिन ने मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मजबूत इच्छाशक्ति की सराहना की है। विशेष रूप से यूक्रेन संकट के बीच भी भारत ने जिस संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय दिया, उसकी विश्व स्तर पर प्रशंसा हुई और पुतिन ने भी कई बार इसकी तारीफ की।
पुतिन ने कहा कि आज का भारत विश्व पटल पर जिस आत्मविश्वास के साथ खड़ा है, उसके पीछे मोदी का अथक परिश्रम और स्पष्ट विजन है। चाहे आत्मनिर्भर भारत अभियान हो, डिजिटल इंडिया हो या फिर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आवाज को बुलंद करना, मोदी ने साबित किया है कि एक मजबूत और निर्णायक नेतृत्व देश को कितनी तेजी से आगे ले जा सकता है। रूसी नेता ने यह भी उल्लेख किया कि भारत-रूस संबंध आज अपने सबसे बेहतरीन दौर में हैं और इसमें दोनों नेताओं की व्यक्तिगत केमिस्ट्री की बड़ी भूमिका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कई बार पुतिन को अपना “दोस्त” कहा है और रूस के साथ विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को बहुत महत्व दिया है। दोनों देश ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे क्षेत्रों में गहरा सहयोग कर रहे हैं। हाल ही में रूसी तेल की खरीद से लेकर एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम तक, भारत-रूस संबंधों ने पश्चिमी दबाव के बावजूद अपनी मजबूती दिखाई है।
पुतिन की इस ताजा प्रशंसा को भारत में सत्तारूढ़ दल और समर्थकों ने बहुत उत्साह के साथ लिया है। कई लोगों का मानना है कि जब विश्व के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक इतनी बेबाकी से किसी नेता की तारीफ करता है, तो यह उस नेता की वैश्विक स्वीकार्यता और प्रभाव का प्रमाण है। विपक्षी दलों ने हालांकि इसे केवल कूटनीतिक बयानबाजी बताया, लेकिन जनता के बड़े वर्ग में यह संदेश गया कि भारत आज विश्व मंच पर कितना सम्मानजनक स्थान रखता है।
संक्षेप में कहें तो व्लादिमीर पुतिन का यह बयान एक बार फिर साबित करता है कि नरेंद्र मोदी का नेतृत्व न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक कूटनीति के लिए भी एक मजबूत और विश्वसनीय स्तंभ बन चुका है। भारत वाकई भाग्यशाली है कि उसे ऐसा नेता मिला जो सचमुच “भारत के लिए जीता और भारत के लिए मरता है”।
