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by-Ravindra Sikarwar

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 65 करोड़ रुपये के कथित मिठी नदी गाद सफाई घोटाले से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में मुंबई स्थित अभिनेता डिनो मोरिया के आवास और महाराष्ट्र व केरल के अन्य स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई का उद्देश्य इस बड़े वित्तीय धोखाधड़ी के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करना और धन के प्रवाह का पता लगाना है।

ईडी की छापेमारी और जाँच का दायरा:
शुक्रवार को हुई इस कार्रवाई में ईडी ने मुंबई में अभिनेता डिनो मोरिया के आवासीय परिसर सहित 15 से अधिक ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोरिया, उनके भाई, कई ठेकेदारों और मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों के घरों और कार्यालयों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की जा रही है, जो मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) पर आधारित है।

तलाशी के दौरान, ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। जांचकर्ताओं का मानना है कि ये साक्ष्य कथित घोटाले में धन के प्रवाह का पता लगाने और उन व्यक्तियों या संस्थाओं की पहचान करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे, जिन्हें इस धोखाधड़ी से अनुचित लाभ मिला है।

मिठी नदी गाद सफाई घोटाला क्या है?
यह 65 करोड़ रुपये का घोटाला मुंबई की मिठी नदी की गाद सफाई (desilting) से जुड़े कथित अनियमितताओं पर केंद्रित है। यह मामला विशेष रूप से 2005 की भयावह बाढ़ के बाद कड़ी जांच के दायरे में आया था, जब नदी की खराब सफाई व्यवस्था को बाढ़ के प्रमुख कारणों में से एक माना गया था। बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए गाद सफाई के ठेके दिए थे, लेकिन नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के ऑडिट और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच में रिपोर्ट किए गए कार्य और मौके पर किए गए वास्तविक कार्य के बीच ‘महत्वपूर्ण विसंगतियाँ’ पाई गईं।

जांचकर्ताओं के अनुसार, इस घोटाले में शामिल लोगों ने कथित तौर पर बिलों को फुलाया (inflated bills), कार्य लॉग को गलत तरीके से दर्ज किया (falsified work logs) और सार्वजनिक धन का व्यवस्थित तरीके से दुरुपयोग किया। विशेष उपकरणों के लिए निविदाओं (tenders) में भी कथित रूप से हेरफेर किया गया ताकि कुछ चुनिंदा आपूर्तिकर्ताओं को लाभ मिल सके। अधिकारियों को संदेह है कि बीएमसी अधिकारियों, निजी ठेकेदारों और बिचौलियों के एक सांठगांठ ने फर्जी परियोजना रिपोर्ट और झूठे दावों के माध्यम से करोड़ों रुपये का गबन किया।

डिनो मोरिया की भूमिका और वित्तीय संबंधों की जाँच:
अभिनेता डिनो मोरिया से हाल ही में EOW ने इस मामले के संबंध में पूछताछ की थी। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि वह एफआईआर में नामित 13 व्यक्तियों में शामिल नहीं हैं, जिनमें नागरिक अधिकारी और निजी ठेकेदार शामिल हैं। हालांकि, ईडी कथित तौर पर उनके नाम से जुड़े वित्तीय संबंधों और लेनदेन की जांच कर रही है। सूत्रों ने बताया कि ईडी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या मोरिया के माध्यम से इस घोटाले का कोई पैसा ट्रांसफर हुआ है या उनके वित्तीय लेनदेन में कोई संदिग्ध गतिविधि पाई गई है।

यह मामला एक बार फिर बड़े पैमाने पर सरकारी ठेकों में होने वाले भ्रष्टाचार और इसमें संभावित रूप से प्रभावशाली व्यक्तियों की संलिप्तता को उजागर करता है। ईडी की यह कार्रवाई घोटाले के पीछे के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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