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by-Ravindra Sikarwar

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में आज सुबह एक भयानक रेल हादसे ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया। दो यात्री ट्रेनों के बीच जोरदार टक्कर के कारण कई लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जबकि दर्जनों यात्री घायल बताए जा रहे हैं। यह हादसा बिलासपुर रेलवे स्टेशन के निकट बेलगहना क्षेत्र में करीब 7:30 बजे घटित हुआ, जब एक तेज रफ्तार ट्रेन ने दूसरी ट्रेन के आखिरी डिब्बों को जा टक्कर मार दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक ट्रेन के इंजन का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरी ट्रेन के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर भगदड़ मच गई, और यात्रियों ने चीख-पुकार मचाते हुए अपनी जान बचाने की कोशिश की। स्थानीय प्रशासन के सूत्रों ने बताया कि मृतकों की संख्या अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कम से कम 10-15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी बिलासपुर जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की एक बड़ी टीम उनका इलाज कर रही है।

हादसे वाली ट्रेनें बिलासपुर से मुंबई जाने वाली ‘छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस’ और रायपुर से कोलकाता जाने वाली ‘हावड़ा मेल’ थीं। अधिकारियों के अनुसार, टक्कर का मुख्य कारण सिग्नलिंग सिस्टम में खराबी या मानवीय त्रुटि हो सकता है, जिसकी गहन जांच के लिए रेलवे बोर्ड ने एक उच्च स्तरीय समिति गठित कर दी है। रेल मंत्री ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए ट्विटर पर लिखा, “यह दुखद हादसा बेहद अफसोसजनक है। प्रभावित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। सभी घायलों के समुचित इलाज का इंतजाम किया जा रहा है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”

मौके पर पहुंची NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की दो टीमें और स्थानीय पुलिस बल ने बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया। पटरी पर क्षतिग्रस्त डिब्बों को हटाने के लिए भारी मशीनरी का सहारा लिया गया है, जिसके कारण उस रूट पर ट्रेन सेवाएं पूरी तरह से ठप हो चुकी हैं। रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था की घोषणा की है, और यात्रियों को होटलों में ठहराने का इंतजाम भी किया जा रहा है।

यह हादसा रेल सुरक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को और गहरा कर देगा। पिछले कुछ वर्षों में देश भर में कई रेल दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें सिग्नल फेलियर और रखरखाव की कमी मुख्य कारण रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारी सरकार इस हादसे की पूरी जांच कराएगी और पीड़ितों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।”

अधिक जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर संपर्क किया जा सकता है। स्थिति का आकलन जारी है, और मृतकों व घायलों के आंकड़े बढ़ सकते हैं। यह घटना राज्य में शोक की लहर पैदा कर रही है, और सभी वर्ग के लोग प्रभावित परिवारों के प्रति एकजुट होकर सहानुभूति जता रहे हैं।

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