Spread the love

By: Ravindra Sikarwar

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मेडिकल कॉलेजों की मान्यता प्राप्ति में रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच के तहत देशभर में एक साथ सात राज्यों में 15 स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई का मुख्य केंद्र मध्य प्रदेश का इंदौर स्थित इंडेक्स मेडिकल कॉलेज रहा, जहां ED की टीमों ने कैंपस, प्रशासनिक कार्यालय और चेयरमैन सुरेश सिंह भदौरिया के आवास पर व्यापक तलाशी ली। यह छापेमारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा 30 जून 2025 को दर्ज एफआईआर पर आधारित है, जिसमें नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों पर मेडिकल कॉलेजों की निरीक्षण रिपोर्टों को प्रभावित करने के लिए करोड़ों रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। ED के अधिकारियों के अनुसार, इस घोटाले में मध्यस्थों और कॉलेज प्रबंधनों की सांठगांठ से गोपनीय निरीक्षण जानकारी लीक की जाती थी, जिससे कॉलेज ‘घोस्ट फैकल्टी’ (काल्पनिक शिक्षक), नकली मरीजों और बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम में हेराफेरी कर अनुमति हासिल कर लेते थे। इंदौर के अलावा छापे आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गुजरात, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में मारे गए। इनमें सात प्रमुख निजी मेडिकल कॉलेजों के परिसर शामिल हैं, जहां से दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के प्रमाण जब्त किए गए। एक वरिष्ठ ED अधिकारी ने बताया कि इस नेटवर्क में 36 से अधिक लोग फंसे हुए हैं, जिनमें NMC के इंस्पेक्टर, मंत्रालय के अधिकारी, कॉलेज डायरेक्टर और ब्रोकर शामिल हैं। छापेमारी के दौरान करोड़ों रुपये नकद, प्रॉपर्टी दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट बरामद हुए, जो मनी लॉन्ड्रिंग के तहत PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के उल्लंघन को उजागर करते हैं। यह कार्रवाई मेडिकल शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है, क्योंकि इससे प्रभावित सीटों की संख्या हजारों में है, जो देश के स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती हैं।

इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, जो मालवांचल यूनिवर्सिटी से संबद्ध है और 250 एमबीबीएस सीटों वाला एक प्रमुख संस्थान है, पहले भी विवादों के घेरे में रहा है। जुलाई 2025 में CBI ने इसी कॉलेज पर छापा मारा था, जब NRI कोटा में फर्जी दस्तावेजों से छात्रों की दाखिला कराने के आरोप सामने आए। चेयरमैन सुरेश भदौरिया पर 3 से 5 करोड़ रुपये प्रति कॉलेज की अनुमति दिलवाने के लिए रिश्वत लेने का इल्जाम लगा, जिसके बाद NMC ने 2025-26 सत्र के लिए इसकी 250 सीटों को ‘जीरो ईयर’ घोषित कर दिया, यानी कोई नया दाखिला नहीं। इससे कॉलेज को करीब 250 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। इसके अलावा, कुछ महीने पहले ही व्यापम घोटाले की जांच में यह संस्थान फिर सुर्खियों में आया था। व्यापम, जो मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा परीक्षा घोटाला था, 2012-13 के प्री-मेडिकल टेस्ट (PMT) में सैकड़ों फर्जी दाखिले उजागर कर चुका है। CBI की चार्जशीट में भदौरिया का नाम प्रमुख आरोपी के रूप में आया, जहां 88 सीटें मैनेजमेंट कोटा में 50 लाख से 1 करोड़ रुपये प्रति सीट की दर से बेची गईं। कॉलेज ने ‘इंजन-बोगी’ सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिसमें सॉल्वर छात्र असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा देते थे। 2014 में CBI ने यहां सरप्राइज चेक किया था, और हाल ही में रिन्यूअल प्रक्रिया के दौरान भी अनियमितताएं पाई गईं, जैसे अपर्याप्त फैकल्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर। इन घटनाओं से कॉलेज की साख पर गहरा असर पड़ा है, और छात्रों व अभिभावकों में आक्रोश व्याप्त है। ED की मौजूदा कार्रवाई से पुराने मामलों का भी पुनर्लेखन हो सकता है, क्योंकि मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से संपत्तियों की कुर्की की जा रही है।

इस घोटाले के व्यापक प्रभाव से मेडिकल शिक्षा की अखंडता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी अनियमितताओं से न केवल योग्य छात्रों के हक मारे जाते हैं, बल्कि भविष्य के डॉक्टरों की क्षमता पर भी असर पड़ता है, जो स्वास्थ्य सेवाओं को कमजोर करता है। ED और CBI की संयुक्त जांच से अब तक छत्तीसगढ़ के रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज (55 लाख रिश्वत का मामला), राजस्थान के गीतांजलि यूनिवर्सिटी, तेलंगाना के फादर कॉलंबो इंस्टीट्यूट और गुजरात के स्वामिनारायण मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थानों पर भी नजर है। इनमें मध्यस्थों ने NMC इंस्पेक्टरों को रिश्वत देकर रिपोर्टें फर्जीवाड़ा कीं। सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए NMC में सुधारों का ऐलान किया है, जिसमें डिजिटल निरीक्षण और पारदर्शी प्रक्रिया शामिल है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इसे सत्ता के दुरुपयोग से जोड़ा जा रहा है, क्योंकि कई आरोपी प्रभावशाली व्यक्ति हैं। यह कार्रवाई न केवल दोषियों को सजा दिलाएगी, बल्कि पूरे सिस्टम को पारदर्शी बनाने में मदद करेगी। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जो इस भ्रष्टाचार के नेटवर्क को पूरी तरह बेनकाब करेंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× Whatsapp