By: Ravindra Sikarwar
छत्तीसगढ़ में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (DMF) और आबकारी विभाग से जुड़े बहुचर्चित घोटालों की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रविवार सुबह राज्य के विभिन्न जिलों में एक साथ 19 स्थानों पर दबिश देकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, पुराने रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जब्त किए। अधिकारियों ने इसे अब तक की सबसे प्रभावी और निर्णायक कार्रवाई करार दिया है, जिससे दोनों घोटालों की परतें तेज़ी से खुलने की उम्मीद है।
डीएमएफ घोटाले में 11 ठिकानों पर छापे
डीएमएफ घोटाले से संबंधित अपराध क्रमांक 02/2024 के तहत हरपाल सिंह अरोड़ा और उनसे जुड़े ठेकेदारों के कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। रायपुर जिले के 4, बिलासपुर के 2, सरगुजा के 2, कोंडागांव, धमतरी और बलरामपुर में 1-1 स्थान पर छापेमारी की गई। जांच टीमों ने टेंडर प्रक्रिया, भुगतान प्रणाली, सप्लाई चेन और ठेकों से जुड़े पुराने दस्तावेज और अभिलेख बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, इन साक्ष्यों से पूरे घोटाले की वित्तीय संरचना और अनियमितताओं की पद्धति को समझने में महत्वपूर्ण मदद मिलेगी। संदिग्ध लेन-देन से जुड़े कई दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
आबकारी घोटाले में 8 स्थानों पर तलाशी
आबकारी घोटाले से जुड़े अपराध क्रमांक 04/2024 के अंतर्गत जेल में बंद अनिल टुटेजा और निरंजन दास के रिश्तेदारों और सहयोगियों के घरों पर छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में बिलासपुर के 4, रायपुर के 2, दुर्ग के 1 और बस्तर के 1 ठिकाने शामिल रहे। तलाशी के दौरान EOW की टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पुराने रिकॉर्ड, फाइलें और खातों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए। अधिकारियों का कहना है कि ये साक्ष्य पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ने और अनियमितताओं के तरीकों को समझने के लिए अत्यंत अहम साबित होंगे।
विस्टा और रामा ग्रीन परिसरों में हुई कार्रवाई के दौरान लगभग एक घंटे तक दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की गहन जांच की गई। तलाशी के बाद पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास से पूछताछ जारी है, जबकि अन्य संबंधित व्यक्तियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
आगे और कार्रवाई की संभावना
ईओडब्ल्यू और एसीबी ने स्पष्ट किया है कि बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को अब अनुसंधान की मुख्य प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। कई स्थानों पर तलाशी अभी भी जारी है और जांच एजेंसियों का मानना है कि आने वाले दिनों में और महत्वपूर्ण कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस संयुक्त छापेमारी का उद्देश्य भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंचना और घोटालों में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका को स्पष्ट करना है।
