By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में मंगलवार को प्रशासन ने सख्ती का बड़ा नजारा पेश किया। जिले के सिहाड़ाड़ा गांव स्थित एक दरगाह परिसर में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण को जमींदोज करने के लिए जिला प्रशासन ने बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई इतनी संवेदनशील थी कि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए आसपास के छह थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों ने दरगाह के मुख्य द्वार, कुछ मकानों, दुकानों और अन्य अवैध निर्माणों को कुछ ही घंटों में ढहा दिया।
कार्रवाई का सबसे अहम हिस्सा दरगाह परिसर में बना मदरसा रहा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह मदरसा सरकारी फंड से बना है, इसलिए इसे पूरी तरह नहीं तोड़ा गया, बल्कि फिलहाल इसके वैध-अवैध हिस्सों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मदरसे का ताला तोड़कर परिसर को ग्राम पंचायत के हवाले कर दिया गया। पंचायत ने अपना कब्जा दिखाने के लिए तुरंत सक्रिय हुई। सरपंच के पुत्र ने पहले मदरसे की दीवारों पर भगवा रंग चढ़वाया, जिसे देखकर गांव में कुछ लोग आपत्ति जताने लगे। विवाद बढ़ता देख प्रशासन के निर्देश पर भगवा रंग को मिटवाकर पूरी इमारत को गुलाबी रंग से पुतवा दिया गया। अब मदरसा गुलाबी रंग में चमक रहा है और उस पर पंचायत का ताला लगा हुआ है।
प्रशासन का कहना है कि दरगाह परिसर में जो भी निर्माण अवैध पाए गए, उन्हें हटा दिया गया है। इसमें प्रवेश द्वार का भव्य गेट, कुछ किराए की दुकानें और एक सार्वजनिक शौचालय भी शामिल था, जो परिसर से सटा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि वर्षों से यह शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी या सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। लंबी जांच-पड़ताल और नोटिस के बाद आखिरकार यह कार्रवाई की गई।
गांव में सुबह से ही तनाव का माहौल था। जैसे ही बुलडोजर की आवाज सुनाई दी, आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। लेकिन भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण कोई बड़ा हंगामा नहीं हुआ। थाना प्रभारी स्तर के अधिकारी खुद मौके पर डटे रहे और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न कराई। प्रशासन ने साफ कहा है कि कानून सबके लिए बराबर है और सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में योगी मॉडल की तर्ज पर चल रही अतिक्रमण हटाओ मुहिम का हिस्सा मानी जा रही है। पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के कई जिलों में धार्मिक स्थलों, सरकारी जमीन और सड़कों से अतिक्रमण हटाने के लिए इसी तरह की सख्त कार्रवाई देखने को मिल रही है। खंडवा जिला प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि आगे भी जहां-जहां शिकायतें मिलेंगी या सर्वे में अवैध निर्माण मिलेंगे, वहां बुलडोजर चलता रहेगा।
फिलहाल सिहाड़ा गांव में शांति है, लेकिन मदरसे को गुलाबी रंग से रंगवाने और पहले भगवा रंग की कोशिश के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की संवेदनशीलता बता रहे हैं तो कुछ इसे राजनीतिक रंग देने की कोशिश मान रहे हैं। जो भी हो, इतना तय है कि खंडवा प्रशासन ने अपनी मंशा स्पष्ट कर दी है – अवैध कब्जे किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिए जाएंगे।
