By: Ravindra Sikarwar
महाराष्ट्र में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के परिणामों ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित कर दिया है। 21 दिसंबर 2025 को घोषित होने वाले इन नतीजों में महायुति ने कुल 288 निकायों में से 207 से अधिक पर अध्यक्ष पद जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि उसके सहयोगी एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) ने भी शानदार प्रदर्शन किया। विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) को महज 44 निकायों में ही सफलता मिली, जो उनके लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
चुनाव दो चरणों में हुए थे – पहला चरण 2 दिसंबर को और दूसरा 20 दिसंबर को। कुल 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों में मतदान हुआ, जिसमें मतगणना सुबह 10 बजे से शुरू हुई। शुरुआती रुझानों से ही महायुति की बढ़त साफ हो गई थी, और अंतिम नतीजों में यह और मजबूत हुई। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, BJP ने अकेले 117 से 129 अध्यक्ष पद जीते, शिवसेना ने 53 और NCP ने 37 पद हासिल किए। कुछ जगहों पर BJP ने निर्विरोध जीत दर्ज की, जैसे धुले की डोंडाईचा नगर परिषद, सोलापुर की अंगार नगर पंचायत और जलगांव की जामनेर नगर परिषद।
इस जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खुशी जताते हुए कहा कि यह संगठन और सरकार के संयुक्त प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विकास एजेंडे को जनता की मुहर बताया। फडणवीस ने सकारात्मक अभियान चलाने पर जोर दिया और कहा कि उन्होंने कभी विपक्षी नेताओं की व्यक्तिगत आलोचना नहीं की। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी जीत को विकास कार्यों की जीत करार दिया और आगामी नगर निगम चुनावों में भी इसी प्रदर्शन की उम्मीद जताई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और खुद प्रधानमंत्री मोदी ने महायुति को बधाई दी, इसे जनकेंद्रित विकास पर जनता के भरोसे की जीत बताया।
जिला स्तर पर देखें तो लातूर में BJP ने 5 में से 4 निकायों में अध्यक्ष पद जीते। पुणे जिले में भी महायुति का दबदबा रहा, जहां NCP ने कई जगहों पर मजबूत प्रदर्शन किया। नासिक, रत्नागिरी और अन्य जिलों में शिवसेना ने अच्छा किया, जबकि BJP ने कई गढ़ों को मजबूत रखा। कुल मिलाकर, महायुति ने शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।
विपक्ष की बात करें तो कांग्रेस, शरद पवार की NCP (SP) और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) को मिलाकर सिर्फ 44 निकायों में सफलता मिली। कुछ नेताओं ने ईवीएम और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए, लेकिन कुल मिलाकर जनता ने विकास और स्थिरता को तरजीह दी। यह चुनाव विधानसभा चुनावों के बाद महायुति की लोकप्रियता का सेमीफाइनल माने जा रहे थे, और नतीजों ने साबित कर दिया कि गठबंधन की एकता और नीतियां जनता को पसंद आ रही हैं।
यह जीत आगामी नगर निगम चुनावों, जैसे मुंबई, ठाणे और पुणे महानगरपालिका के लिए भी शुभ संकेत है। महायुति अब इन बड़े चुनावों पर फोकस करेगी, जहां और बड़ी चुनौतियां इंतजार कर रही हैं। कुल मिलाकर, महाराष्ट्र की राजनीति में BJP का परचम लहरा रहा है, और महायुति की यह सफलता राज्य में विकास कार्यों को नई गति देगी। जनता ने साफ संदेश दिया है कि स्थिर सरकार और विकास ही उनकी प्राथमिकता है।
