by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की, जिसके तहत राज्य को योग, आयुर्वेद और समग्र स्वास्थ्य पर आधारित वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य देशी और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। मध्य प्रदेश, जो अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए जाना जाता है, अब वेलनेस टूरिज्म के जरिए वैश्विक मंच पर अपनी पहचान को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि:
मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम (MPTDC) के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना का लक्ष्य है राज्य के प्राकृतिक और सांस्कृतिक संसाधनों का उपयोग करके वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देना। योग और आयुर्वेद, जो भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा हैं, वैश्विक स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार इसे भुनाने के लिए तैयार है, ताकि पर्यटक न केवल ऐतिहासिक स्थलों जैसे खजुराहो और साँची, बल्कि शांत और स्वास्थ्यवर्धक अनुभवों के लिए भी राज्य का रुख करें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, “मध्य प्रदेश में प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों की गहरी जड़ें हैं। हम इसे वेलनेस टूरिज्म का केंद्र बनाकर न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार भी सृजित करेंगे।” यह योजना आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक कदम है।
वेलनेस टूरिज्म के प्रमुख तत्व:
इस योजना के तहत मध्य प्रदेश में कई तरह की वेलनेस गतिविधियों और सुविधाओं को विकसित किया जाएगा:
- योग और ध्यान केंद्र: उज्जैन, पचमढ़ी, और अमरकंटक जैसे शांत स्थानों पर विश्वस्तरीय योग और ध्यान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। ये केंद्र योग प्रशिक्षण, मेडिटेशन रिट्रीट, और तनाव प्रबंधन सत्र प्रदान करेंगे।
- आयुर्वेदिक रिसॉर्ट्स: आयुर्वेदिक उपचार, जैसे पंचकर्मा, मालिश, और हर्बल थेरेपी, के लिए विशेष रिसॉर्ट्स बनाए जाएंगे। ये रिसॉर्ट्स प्राकृतिक वातावरण में होंगे, जैसे नर्मदा नदी के किनारे या कान्हा और बांधवगढ़ के जंगलों के पास।
- वेलनेस टूरिज्म सर्किट: पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज, जो योग, आयुर्वेद, और सांस्कृतिक स्थलों जैसे ओरछा और मांडू की यात्रा को एकीकृत करेंगे। उदाहरण के लिए, एक पैकेज में उज्जैन में महाकाल दर्शन के साथ योग सत्र शामिल हो सकता है।
- प्रशिक्षण और प्रमाणन: स्थानीय युवाओं को योग प्रशिक्षक और आयुर्वेदिक चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव:
MPTDC के अनुसार, मध्य प्रदेश में 2024 में 11 करोड़ से अधिक पर्यटकों ने दौरा किया, और वेलनेस टूरिज्म के जरिए यह संख्या अगले पांच वर्षों में 20% तक बढ़ सकती है। इस योजना से निम्नलिखित लाभ अपेक्षित हैं:
- रोजगार सृजन: योग प्रशिक्षकों, आयुर्वेदिक चिकित्सकों, गाइडों, और रिसॉर्ट कर्मचारियों के लिए हजारों नौकरियां पैदा होंगी। विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को लाभ होगा।
- आर्थिक विकास: होटल, परिवहन, और हस्तशिल्प उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार ने अनुमान लगाया है कि वेलनेस टूरिज्म से राज्य की पर्यटन आय में 15-20% की वृद्धि हो सकती है।
- सांस्कृतिक प्रचार: योग और आयुर्वेद भारत की प्राचीन परंपराओं का हिस्सा हैं, और यह योजना इन्हें वैश्विक मंच पर ले जाएगी।
बुनियादी ढांचे का विकास:
इस योजना के तहत सरकार ने वेलनेस टूरिज्म के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसमें शामिल हैं:
- वेलनेस रिसॉर्ट्स और केंद्र: पचमढ़ी, अमरकंटक, और मांडू में नए रिसॉर्ट्स और मौजूदा सुविधाओं का उन्नयन।
- कनेक्टिविटी: हाल ही में शुरू की गई हेलीकॉप्टर सेवा के साथ, सुदूर वेलनेस स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा, सड़क और रेल नेटवर्क को भी बेहतर किया जाएगा।
- प्रचार और विपणन: MPTDC एक वैश्विक अभियान शुरू करेगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल एक्सपो और डिजिटल मार्केटिंग शामिल होगी। एक विशेष वेलनेस टूरिज्म पोर्टल और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।
चुनौतियां और समाधान:
वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने में कुछ चुनौतियां हैं, जैसे उच्च लागत, प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा। सरकार ने इनसे निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:
- सब्सिडी और प्रोत्साहन: निजी निवेशकों को रिसॉर्ट्स और केंद्र स्थापित करने के लिए कर छूट और सब्सिडी दी जाएगी।
- प्रशिक्षण कार्यक्रम: स्थानीय युवाओं के लिए मुफ्त या रियायती प्रशिक्षण, ताकि वे योग और आयुर्वेद में प्रमाणित विशेषज्ञ बन सकें।
- पर्यावरण संरक्षण: सभी वेलनेस केंद्र पर्यावरण-अनुकूल होंगे, और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश की वेलनेस टूरिज्म पहल न केवल पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी, बल्कि योग और आयुर्वेद की प्राचीन भारतीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर ले जाएगी। यह योजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
