by-Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है, जहां 22 वर्षीय युवती लक्षिता चौधरी की सड़ी-गली लाश एक नीले प्लास्टिक ड्रम के अंदर बंधे हाथ-पैरों के साथ पाई गई। पीड़िता गारबा की पोशाक पहने हुई थी, और जांच में पता चला कि उसे ड्रम में भरे पानी में डुबोकर मार दिया गया था। आरोपी, जो खुद को उसका दोस्त बताता था, ने हत्या कबूल कर ली है। यह घटना इस साल के तीसरे ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ के रूप में चर्चा में है, जो रिश्तों के विवादों से जुड़ी पिछली घटनाओं की याद दिलाती है। वैशाली एवेन्यू कॉलोनी में स्थित आरोपी के घर से बदबू आने पर पड़ोसियों ने हंगामा मचा दिया, जिसके बाद पुलिस ने शव बरामद किया। परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस आरोपी से पूछताछ जारी रखे हुए है।
घटना का पूरा विवरण:
देवास शहर के वैशाली एवेन्यू कॉलोनी में रहने वाले आरोपी के आवास पर यह भयानक वारदात हुई। पीड़िता लक्षिता चौधरी, जो स्थानीय कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी, सोमवार को अपने घर से निकली थी और परिवार को बताया था कि वह कक्षा में जा रही है। लेकिन वह कभी लौटी ही नहीं। तीन दिनों तक उसकी तलाश जारी रही, और इसी दौरान आरोपी के घर से तेज दुर्गंध आने लगी। कॉलोनी के निवासियों में दहशत फैल गई, क्योंकि यह गंध सड़ते शव जैसी लग रही थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी के कमरे में एक बिस्तर पर चादर से ढका नीला ड्रम मिला। चादर हटाने पर अंदर सड़ी हुई लाश नजर आई, जिसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। शव को इंदौर भेजकर पोस्टमॉर्टम के लिए पोस्ट किया गया, जहां प्रारंभिक रिपोर्ट में डुबोकर हत्या की पुष्टि हुई। ड्रम में पानी भरा हुआ था, जो शव को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। यह पूरी घटना रिश्तों के जटिल जाल में उलझी हुई लगती है, जहां प्यार की आड़ में हिंसा ने जगह ले ली।
समयरेखा: हत्या से शव बरामदगी तक
- सोमवार (हत्या का दिन): लक्षिता अपने घर से कॉलेज जाने के बहाने निकलीं। आरोपी ने उन्हें अपने घर बुलाया, जहां विवाद हुआ और हत्या कर दी गई।
- सोमवार शाम से मंगलवार: परिवार ने बेटी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
- बुधवार-गुरुवार (लगभग तीन दिन बाद): वैशाली एवेन्यू कॉलोनी में आरोपी के घर से बदबू आने लगी। पड़ोसी घबरा गए और पुलिस को फोन किया।
- शुक्रवार (3 अक्टूबर 2025): पुलिस ने घर की तलाशी ली, शव बरामद किया। आरोपी ने आत्मसमर्पण कर दिया और पूछताछ शुरू हुई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट इंदौर से आनी बाकी है।
यह समयसीमा दर्शाती है कि हत्या के तुरंत बाद आरोपी ने शव को छिपाने की कोशिश की, लेकिन प्रकृति ने ही राज खोल दिया।
पीड़िता और आरोपी की पहचान:
- पीड़िता लक्षिता चौधरी: 22 वर्षीय यह युवती देवास की रहने वाली थीं और कॉलेज में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही थीं। परिवार के अनुसार, वह सामान्य जीवन जी रही थीं और गारबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखती थीं—यही कारण था कि शव पर गारबा की पोशाक थी। उनके लापता होने पर परिवार ने हर संभव कोशिश की, लेकिन किसी को शक नहीं हुआ। लक्षिता की मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया, क्योंकि वह एक साधारण छात्रा थीं।
- आरोपी मोनू उर्फ मनोज चौहान: 35 वर्षीय यह व्यक्ति पीड़िता का ‘दोस्त’ होने का दावा करता था। जांच में पता चला कि वह लक्षिता से प्रेम करता था, लेकिन जब उसे उनके किसी अन्य व्यक्ति से रिश्ते की जानकारी मिली, तो गुस्से में आगबबूला हो गया। आरोपी ने स्वयं पुलिस के पास पहुंचकर जुर्म कबूल किया। वह कॉलोनी में अकेला रहता था, और हत्या के बाद घर छोड़कर भागने की बजाय आत्मसमर्पण कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई और जांच:
देवास पुलिस ने लापता रिपोर्ट मिलते ही सीसीटीवी फुटेज और गवाहों से पूछताछ शुरू की थी। बदबू की शिकायत पर टीम ने आरोपी के घर को घेर लिया और बिना देरी के तलाशी ली। शव बरामद होने के बाद फॉरेंसिक टीम ने सीन की जांच की, जिसमें रस्सी के निशान और ड्रम के पानी के सैंपल लिए गए। आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, ताकि हत्या के हर पहलू को उजागर किया जा सके। पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का सटीक कारण स्पष्ट होगा, लेकिन प्रारंभिक सबूत डुबोने की ओर इशारा करते हैं। परिवार को सुरक्षा दी गई है, और मामले को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
स्वीकारोक्ति और हत्या का कारण:
पूछताछ के दौरान आरोपी ने खुलासा किया कि वह लक्षिता से गहरा लगाव रखता था। उसने उन्हें घर बुलाया, लेकिन जब बातचीत के दौरान उनके दूसरे रिश्ते का पता चला, तो क्रोध में आकर हाथ-पैर बांध दिए। फिर ड्रम में पानी भरकर उन्हें डुबो दिया। आरोपी ने कहा, “मैं लक्षिता से प्यार करता था, लेकिन जब मुझे उनके किसी और से संबंध की बात पता चली, तो गुस्सा काबू से बाहर हो गया।” यह कबूलनामा पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है, जो रिश्तों में विश्वासघात को हत्या का ट्रिगर बताता है। कोई आर्थिक या अन्य कारण सामने नहीं आया है।
परिवार की प्रतिक्रिया:
लक्षिता के पिता ने मीडिया से बातचीत में दर्द भरी गुहार लगाई। उन्होंने कहा, “किसी भी पिता की बेटी ऐसी वारदात का शिकार हो सकती है। आरोपी को फांसी की सजा मिलनी चाहिए, ताकि ऐसे अपराध रुकें।” परिवार सदमे में है और न्याय की आस लगाए बैठा है। कॉलोनी के निवासी भी डरे हुए हैं, क्योंकि यह घटना उनके पड़ोस में ही घटी।
समान घटनाओं की पृष्ठभूमि: नीले ड्रम का खौफ
यह हत्या इस साल के तीसरे ‘नीला ड्रम कांड’ के रूप में जानी जा रही है, जो रिश्तों के टूटने से जुड़ी है:
- मार्च 2025 (मेरठ): एक मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत को उनकी पत्नी सोनम और उसके प्रेमी साहिल ने मार डाला। शव को काटकर नीले ड्रम में गीले सीमेंट के नीचे दफनाया गया था।
- अगस्त 2025 (अलवर, राजस्थान): एक व्यक्ति को उसकी पत्नी और प्रेमी ने हत्या कर दी। किराए के मकान के पहले तल पर नीले ड्रम से बदबू आने पर मकान मालकिन ने शव खोजा।
ये मामले दर्शाते हैं कि नीले ड्रम को शव छिपाने के साधन के रूप में इस्तेमाल करने का चलन बढ़ रहा है, खासकर प्रेम त्रिकोण में। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से समाज में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
यह दर्दनाक वारदात न केवल एक युवती की जिंदगी छीन ले गई, बल्कि रिश्तों की नाजुकता को भी उजागर करती है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर और खुलासे हो सकते हैं, लेकिन फिलहाल आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। समाज को ऐसे अपराधों के खिलाफ सतर्क रहने की सीख मिलती है।
