by-Ravindra Sikarwar
भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य की 1.26 करोड़ से अधिक महिलाओं को बड़ी राहत प्रदान करते हुए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी के बैंक खाते में 1,500 रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। यह राशि नवंबर माह की किस्त है, जो राज्य सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम का आयोजन भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में किया गया, जहाँ मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से पूरे राज्य की बहनों से संवाद किया और राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया को लॉन्च किया।
योजना का उद्देश्य और विस्तार:
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपने परिवार की बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को, जिनका परिवार वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, प्रति माह 1,250 रुपये दिए जाते थे। लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की, जो नवंबर 2025 से लागू हो गई है।
इस बार की किस्त में कुल 1,890 करोड़ रुपये की राशि एक साथ 1.26 करोड़ से अधिक लाभार्थी महिलाओं के खातों में डाली गई। यह राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पहुँची, जिससे पारदर्शिता और तेज़ वितरण सुनिश्चित हुआ।
कार्यक्रम की झलकियाँ:
- स्थान: लाल परेड ग्राउंड, भोपाल
- मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
- वर्चुअल कनेक्ट: सभी 55 जिलों के 1,000 से अधिक केंद्रों से लाड़ली बहनें जुड़ीं
- भाषण की मुख्य बातें:
– “लाड़ली बहना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की बहनों के प्रति सरकार की संवेदना और सम्मान का प्रतीक है।”
– “यह राशि आपके घर की रसोई, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयाँ और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए है।”
– “हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बहन आर्थिक तंगी के कारण अपनी जरूरतों से समझौता न करे।”
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योजना के तहत अब तक 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है, और यह देश की सबसे बड़ी महिला सशक्तिकरण योजनाओं में से एक है।
लाभार्थी वर्ग और पात्रता:
| मानदंड | विवरण |
| आयु | 21 से 60 वर्ष |
| आय सीमा | परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम |
| अपवाद | आयकर दाता, सरकारी पेंशनभोगी, सांसद/विधायक परिवार की महिलाएँ अपात्र |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन पोर्टल, आंगनवाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत के माध्यम से |
| दस्तावेज | आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाता, आय प्रमाण पत्र |
वर्तमान में 1.29 करोड़ महिलाएँ पंजीकृत हैं, जिनमें से 1.26 करोड़ सक्रिय लाभार्थी हैं। शेष का सत्यापन प्रक्रिया जारी है।
जिला-वार वितरण (कुछ प्रमुख जिले):
| जिला | लाभार्थी संख्या (लगभग) |
| इंदौर | 7.8 लाख |
| भोपाल | 5.2 लाख |
| जबलपुर | 4.9 लाख |
| ग्वालियर | 4.1 लाख |
| उज्जैन | 3.6 लाख |
| सागर | 3.3 लाख |
महिलाओं की प्रतिक्रिया:
- रीना बाई (इंदौर): “पहले 1,250 थे, अब 1,500 हो गए। बच्चों की फीस और दूध-दवा का इंतजाम आसान हो गया।”
- कमला देवी (सिवनी): “गाँव में बैंक दूर है, लेकिन पैसा सीधे खाते में आता है। बहुत सुविधा हुई।”
- संगीता कुशवाह (ग्वालियर): “यह पैसा सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सरकार का सम्मान है जो हमें मिल रहा है।”
योजना का प्रभाव:
- आर्थिक सशक्तिकरण: महिलाएँ अब घरेलू खर्च, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर नियंत्रण रखती हैं।
- बैंकिंग जागरूकता: 98% से अधिक लाभार्थियों के पास अब जनधन या नियमित बचत खाते हैं।
- स्वरोजगार: कई महिलाएँ इस राशि से सिलाई मशीन, किराना दुकान, मुर्गी पालन जैसे छोटे व्यवसाय शुरू कर रही हैं।
- सामाजिक प्रभाव: परिवार में महिलाओं की निर्णय लेने की भूमिका बढ़ी है।
भविष्य की योजनाएँ:
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि:
- दिसंबर 2025 से राशि को 1,500 रुपये स्थायी रखा जाएगा।
- लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 शुरू होगी, जिसमें लड़कियों की उच्च शिक्षा के लिए अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
- डिजिटल साक्षरता शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित किए जाएंगे ताकि बहनें ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई का उपयोग कर सकें।
लाड़ली बहना योजना मध्यप्रदेश सरकार की सबसे सफल और लोकप्रिय योजनाओं में से एक बन चुकी है। यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि महिलाओं को सामाजिक और पारिवारिक स्तर पर सशक्त बनाती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, “लाड़ली बहनें मध्यप्रदेश की असली शक्ति हैं। उनकी खुशहाली ही राज्य की प्रगति है।”
