By: Ravindra Sikarwar
भोपाल: मध्य प्रदेश में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों की लंबे समय से प्रतीक्षित पदोन्नतियों को लेकर राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में गृह मंत्रालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न स्तरों पर पदोन्नतियों के लिए अधिकारियों के नामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी), पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) और विशेष पुलिस महानिदेशक जैसे उच्च पदों के लिए योग्य अधिकारियों की सूची तैयार की गई।
बैठक के बाद तैयार प्रस्ताव को शीघ्र ही केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र से मंजूरी मिलते ही वर्ष के अंतिम सप्ताह में पदोन्नति के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। ये आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगे, जिससे नए साल की शुरुआत में कई अधिकारियों को उच्च रैंक और जिम्मेदारियां मिलेंगी। यह कदम न केवल पुलिस विभाग में नेतृत्व को मजबूत करेगा, बल्कि अधिकारियों के मनोबल को भी बढ़ावा देगा।
सबसे बड़ी खुशखबरी डीआईजी स्तर पर है। नए साल में 2010, 2011 और 2012 बैच के कुल 16 अधिकारी उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) के पद पर पदोन्नत किए जाएंगे। इनमें 2010 बैच के कुछ अधिकारी शामिल हैं, जो पिछले वर्ष उपलब्ध पदों की कमी के कारण पदोन्नति से वंचित रह गए थे। अब उन्हें इस वर्ष मौका मिलेगा। इसी तरह 2011 बैच के सभी योग्य अधिकारी और 2012 बैच के चुनिंदा अधिकारी भी इस सूची में शामिल हैं। इससे पुलिस विभाग में मध्य स्तर के नेतृत्व में नई ऊर्जा आएगी।
उच्च पदों पर भी पदोन्नतियों की चर्चा जोरों पर रही। विशेष पुलिस महानिदेशक के पद के लिए एके सिंह और आशुतोष राय के नाम प्रमुखता से सामने आए। वहीं, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) के लिए 2001 बैच के जबलपुर में तैनात आईजी प्रमोद वर्मा का नाम विचाराधीन है। आईजी स्तर पर पदोन्नति के लिए 2008 बैच के तीन अधिकारियों पर सहमति बनी है। इनमें सियाज ए. जयदेवन ए और ललित शाक्यवार जैसे नाम शामिल हैं।
2010 बैच से डीआईजी पद पर पदोन्नत होने वाले प्रमुख अधिकारियों में राकेश कुमार सगर, आरएस बेलवंशी, किरणलता केरकेट्टा और मनोज कुमार राय का नाम लिया जा रहा है। इसके अलावा, कुछ अन्य अधिकारियों जैसे आलोक कुमार सिंह, रघुवंश सिंह और विकास पाठक को छह माह बाद डीआईजी रैंक मिलने की संभावना है। 2013 बैच के अधिकारियों को प्रवर श्रेणी वेतनमान का लाभ दिया जाएगा, जो उनकी सेवा और प्रदर्शन को मान्यता प्रदान करेगा।
यह बैठक आईपीएस विभागीय पदोन्नति समिति के तहत आयोजित की गई थी। इसमें मुख्य सचिव अनुराग जैन के अलावा अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला जैसे वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। पदोन्नति के लिए विचार किए जा रहे अधिकारियों में 2011 बैच के रियाज इकबाल, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल कुमार लोढा, सिमाला प्रसाद और असित यादव तथा 2012 बैच के विवेक सिंह, कुमार प्रतीक, डॉ. शिवदयाल, मयंक अवस्थी और शैलेंद्र सिंह चौहान जैसे नाम शामिल हैं।
पदोन्नति प्रक्रिया में पारदर्शिता और योग्यता को आधार बनाया गया है। अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, प्रदर्शन और उपलब्ध रिक्तियों को ध्यान में रखते हुए नामों का चयन किया जा रहा है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ये बदलाव पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को और मजबूत बनाएंगे। मध्य प्रदेश पुलिस में समय-समय पर ऐसी पदोन्नतियां होती रहती हैं, जो विभाग को गतिशील रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
यह पदोन्नतियां न केवल व्यक्तिगत स्तर पर अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में भी सहायक सिद्ध होंगी। आने वाले दिनों में आदेश जारी होने के बाद पुलिस मुख्यालय में नए पदस्थापन भी देखने को मिलेंगे। कुल मिलाकर, यह प्रक्रिया पुलिस विभाग के लिए एक सकारात्मक संकेत है, जो नए साल में नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयारियों को पूरा करेगी।
