By: Yogendra Singh
Madhya Pradesh : शिक्षण सत्र 2025–26 के तहत कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं एक बार फिर बोर्ड पैटर्न पर आयोजित की जा रही हैं। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ये परीक्षाएं 20 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेंगी। इस बड़े शैक्षणिक आयोजन में प्रदेशभर से लगभग 24.90 लाख विद्यार्थी हिस्सा लेंगे। परीक्षा के सफल संचालन के लिए 12,920 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।
Madhya Pradesh सरकारी, निजी स्कूल और मदरसों के छात्र होंगे शामिल
इस बार की बोर्ड परीक्षाओं में केवल सरकारी स्कूलों के ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों और मदरसों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं भी सम्मिलित होंगे। राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार परीक्षा व्यवस्था को एकरूप और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी संस्थानों के लिए समान दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं। खास बात यह है कि एनसीईआरटी पाठ्यक्रम से पढ़ाई करने वाले 522 निजी स्कूलों के करीब 20,736 विद्यार्थियों के लिए भाषा विषय का अलग प्रश्न पत्र तैयार किया गया है। वहीं अन्य सभी विषयों के प्रश्न पत्र राज्य की निर्धारित पाठ्यपुस्तकों पर आधारित होंगे।
Madhya Pradesh ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी परीक्षा की निगरानी
परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग ने एक विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया है। इसी पोर्टल के माध्यम से छात्रों का सत्यापन, परीक्षा केंद्रों का निर्धारण, केंद्राध्यक्षों की नियुक्ति, रोल नंबर आवंटन और प्रवेश पत्र जारी किए जाएंगे। इतना ही नहीं, परीक्षा के दौरान छात्रों की उपस्थिति, उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन और अंत में अंकसूची तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही संचालित होगी। इससे मानवीय त्रुटियों और अनियमितताओं की संभावना कम होगी।
कोई भी पात्र छात्र परीक्षा से नहीं रहेगा वंचित
राज्य शिक्षा केंद्र ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी को परीक्षा देने से रोका नहीं जाएगा। यदि कोई छात्र किसी कारणवश परीक्षा से पहले पंजीकरण नहीं कर सका है, तो उसे भी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी। ऐसे छात्रों का विवरण परीक्षा के बाद पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। साथ ही, नकल रोकने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए इस बार सख्त निगरानी और कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार है। उनका कहना है कि बोर्ड पैटर्न की यह परीक्षा छात्रों के शैक्षणिक स्तर को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।
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