LeT: पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी ने एक वायरल वीडियो में पाकिस्तानी सेना के साथ अपने संगठन के खुले संबंधों को स्वीकार किया है। यह खुलासा एक स्कूल के कार्यक्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए हुआ, जहां उन्होंने दावा किया कि पाक सेना उन्हें नियमित रूप से अपने आयोजनों में आमंत्रित करती है और यहां तक कि सैनिकों के जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए भी बुलाती है। यह बयान भारत के लंबे समय से लगाए जा रहे आरोपों को मजबूती देता है कि पाकिस्तान की सेना आतंकी समूहों को संरक्षण और समर्थन प्रदान करती है।
LeT: स्कूल कार्यक्रम में दिया चौंकाने वाला बयान
सैफुल्लाह कसूरी, जो हाफिज सईद के नेतृत्व वाले लश्कर-ए-तैयबा के दूसरे नंबर के नेता हैं, ने एक अज्ञात तारीख के वीडियो में स्कूल के मंच से बोलते हुए कहा, “पाकिस्तानी सेना मुझे आमंत्रण भेजकर बुलाती है… पाक आर्मी मुझे अपने सैनिकों के जनाजे की नमाज पढ़ाने के लिए आमंत्रित करती है।” यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और खुफिया एजेंसियों द्वारा इसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की गई है। कार्यक्रम में लाल गुब्बारों से सजे मंच पर खड़े होकर उन्होंने बच्चों के सामने यह बात कही, जो पाकिस्तान में आतंकी तत्वों के खुले संचालन को दर्शाता है।
LeT: पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड का भारत पर तंज
कसूरी को अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस भयानक आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है, जिसमें 26 पर्यटकों की हत्या की गई थी। इस हमले के जवाब में भारत ने मई 2025 में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें पाकिस्तान और PoK में कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। कसूरी ने स्कूल में बोलते हुए दावा किया कि उनकी मौजूदगी से “भारत डरा हुआ है” और उन्होंने भारत को भड़काऊ चेतावनी भी दी। उन्होंने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर भारत ने गलती की और लश्कर कश्मीर मिशन से कभी पीछे नहीं हटेगा।
पाकिस्तान के दोहरे चेहरे का पर्दाफाश
यह खुलासा पाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार किए जाने वाले दावों के विपरीत है, जहां वह आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई का दावा करता है। कसूरी के बयान से साफ होता है कि प्रतिबंधित आतंकी संगठनों को वहां की सेना से खुला समर्थन मिलता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना पाकिस्तान की राज्य-प्रायोजित आतंकवाद नीति को एक बार फिर उजागर करती है और भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। इस वीडियो ने वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़े: US news: वेनेजुएला पर अमेरिकी नियंत्रण से भारत को हो सकता है अरबों डॉलर का लाभ

