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korea: केंद्र पर नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं

धान खरीदी के अंतिम दिनों में कोरिया जिले के सबसे संवेदनशील केंद्र जिल्दा में अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है।

किसानों की शिकायत है कि यहां तय मात्रा से अधिक धान खरीदने का काम हो रहा है।

इसके अलावा, 2024-25 के पुराने बोरों में भरकर लाया गया धान भी केंद्र पर बिना किसी जांच के खरीदा जा रहा है।

यह मामला प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।

korea: धान सीधे मिलर से केंद्र और फिर वापस

अधिकारी और प्रबंधक की मौजूदगी में यह खेल लगातार चल रहा है।

बताया जा रहा है कि धान सीधे मिलर से खरीदी केंद्र पहुंचता है।

फिर वही धान वापस उसी मिलर के पास भेज दिया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का बिल्कुल अभाव है।

जब किसानों और मीडिया ने प्रबंधक से सवाल किया तो उन्होंने जानबूझकर अनजान बनने का प्रयास किया।

korea: किसानों की परेशानियां और सवाल

किसानों का कहना है कि नियमों की अनदेखी के कारण उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

धान की सही तरीके से जांच और माप नहीं की जा रही।

केंद्र पर यह अनियमितता किसानों में असंतोष बढ़ा रही है।

वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों की मौन प्रतिक्रिया और प्रशासन की अनदेखी भी सवाल खड़े कर रही है।

प्रशासन की कार्रवाई पर नजर

जिल्दा धान खरीदी केंद्र की संवेदनशील स्थिति को देखते हुए यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन कब और किस प्रकार इस मामले में हस्तक्षेप करता है।

किसानों का मानना है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो अव्यवस्था और अनियमितता बढ़ सकती है।

इस बीच, मीडिया और सामाजिक संगठनों की नजर भी केंद्र पर बनी हुई है, ताकि किसानों के हित में उचित कदम उठाए जा सकें।

निष्कर्ष

धान खरीदी केंद्र में हो रही गड़बड़ियां केवल किसानों की आमदनी को प्रभावित नहीं कर रही, बल्कि सरकारी योजना और सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर रही हैं।

समय रहते प्रशासनिक कदम ही इस स्थिति को सुधार सकते हैं।

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