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Report by: Manoj Kumar

Katihar : बिहार के स्वास्थ्य विभाग में जमीनी सुधार लाने के उद्देश्य से वरिष्ठ अधिकारियों की सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव वैभव कुमार ने कटिहार सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के पहुँचे अपर सचिव ने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं की पोल खोली और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए सुधार के आवश्यक निर्देश दिए। उनके इस औचक दौरे से अस्पताल प्रशासन और कर्मचारियों के बीच दिन भर हड़कंप मचा रहा।

पंजीकरण और भव्या पोर्टल की समीक्षा

Katihar अपर सचिव वैभव कुमार ने अपने निरीक्षण की शुरुआत मरीज पंजीकरण काउंटर से की। उन्होंने वहां लंबी कतारों में खड़े मरीजों से बात की और पंजीकरण प्रक्रिया में होने वाली देरी के कारणों को जाना। विशेष रूप से, उन्होंने सरकार द्वारा शुरू किए गए भव्या पोर्टल के माध्यम से हो रहे ऑनलाइन पंजीकरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।

अपर सचिव ने निर्देश दिया कि डिजिटल माध्यम का लाभ आम जनता तक पहुँचना चाहिए और पोर्टल को बिना किसी तकनीकी बाधा के सुचारू रूप से संचालित किया जाए, ताकि मरीजों को पर्चा कटवाने के लिए घंटों इंतजार न करना पड़े।

दवा वितरण और ‘एक्सपायरी’ दवाओं पर सख्त हिदायत

Katihar अस्पताल के दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण करते हुए अपर सचिव ने दवाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या सरकारी खजाने से भेजी जा रही दवाएं वास्तव में गरीब मरीजों तक मुफ्त में पहुँच रही हैं? उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी स्थिति में मरीजों को बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

मुंगेर जैसी हालिया घटनाओं (जहाँ एक्सपायर्ड दवाएं बांटी गई थीं) को ध्यान में रखते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि अस्पताल के स्टॉक में एक भी एक्सपायरी दवा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने विभागीय नियमों के अनुसार ऐसी दवाओं के तत्काल निस्तारण (Disposal) और नए स्टॉक की नियमित जांच के निर्देश दिए।

प्रसव कक्ष और एनआईसीयू (NICU) का जायजा

Katihar निरीक्षण के दौरान अपर सचिव ने प्रसव कक्ष और नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (एनआईसीयू) का भी दौरा किया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई और जीवन रक्षक उपकरणों की कार्यक्षमता की जांच की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देशित किया कि रोस्टर के अनुसार चिकित्सकों और नर्सों की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य विभाग के मानकों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों की सेवा में कोताही बरतने वाले कर्मियों पर गाज गिरेगी।” निरीक्षण के मौके पर सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र नाथ सिंह, डीपीएम डॉ. किसलय कुमार, उपाधीक्षक डॉ. आशा शरण और अस्पताल प्रबंधक चंदन कुमार सिंह सहित अन्य चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद थे।

अपर सचिव का यह दौरा कटिहार सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, अधिकारी के जाने के बाद इन निर्देशों का पालन कितनी गंभीरता से होता है, यह देखने वाली बात होगी।

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