by-Ravindra Sikarwar
कर्नाटक में भाजपा विधायक बी.पी. हरीश के खिलाफ एक महिला आईएएस अधिकारी उमा प्रशांत ने “पालतू कुत्ते” वाली टिप्पणी के लिए शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद विधायक पर मामला दर्ज कर लिया गया है। इस घटना ने एक नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है।
क्या था मामला?
आईएएस अधिकारी उमा प्रशांत ने बेंगलुरु में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान विधायक बी.पी. हरीश द्वारा की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई। रिपोर्टों के अनुसार, विधायक ने भाषण देते हुए अधिकारी के काम करने के तरीके की आलोचना की और उन्हें अपमानजनक ढंग से “पालतू कुत्ता” कहा। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अधिकारी राज्य सरकार के निर्देशों का पालन नहीं कर रही हैं, बल्कि किसी और के इशारे पर काम कर रही हैं।
अधिकारी की शिकायत और कानूनी कार्रवाई:
इस अपमानजनक टिप्पणी के बाद, महिला आईएएस अधिकारी उमा प्रशांत ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपनी शिकायत में विधायक के खिलाफ मानहानि और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर विधायक हरीश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप:
इस घटना पर विपक्ष ने भाजपा विधायक हरीश की कड़ी निंदा की है। विपक्षी दलों का कहना है कि यह टिप्पणी न केवल एक महिला अधिकारी का अपमान है, बल्कि यह नौकरशाही को भी धमकाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता अक्सर ऐसे अपमानजनक बयान देते हैं, जो उनकी महिला-विरोधी और अहंकारपूर्ण मानसिकता को दर्शाते हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने इस मामले पर चुप्पी साधी हुई है, लेकिन कुछ नेताओं ने कहा है कि यह एक राजनीतिक मुद्दा है और इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
यह घटना दर्शाती है कि सार्वजनिक जीवन में भाषा का स्तर कितना गिर गया है और किस तरह से राजनीतिक मतभेद व्यक्तिगत हमलों का रूप ले रहे हैं।
