Report by: Ratan Kumar
Jamtara : झारखंड के जामताड़ा सिविल कोर्ट को ड्रोन से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। तमिलनाडु के एक कथित दक्षिण भारतीय संगठन (South Organisation) के नाम से भेजे गए एक धमकी भरे ई-मेल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इस सूचना के बाद पूरे जिला मुख्यालय को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

ई-मेल से मिली चुनौती, कोर्ट परिसर में सघन तलाशी अभियान
Jamtara धमकी भरा ई-मेल प्राप्त होते ही जिला प्रशासन और पुलिस हरकत में आ गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) नीतिश निलेश सांगा ने स्वयं कोर्ट परिसर और जिला अधिवक्ता संघ कार्यालय का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया और उन्हें सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया।
देर शाम डॉग स्क्वॉयड की टीम ने कोर्ट की मुख्य इमारत, गलियारों और आसपास के झाड़ियों वाले क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया। सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में पूरे परिसर को खंगाला गया, ताकि किसी भी अनहोनी की गुंजाइश न रहे।

एसपी का बयान: डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं जांच
Jamtara मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि इस धमकी भरे ई-मेल की सत्यता और इसके स्रोत की जांच के लिए डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाया जा रहा है कि ई-मेल वास्तव में कहाँ से ओरिजिनेट हुआ है। एहतियात के तौर पर कोर्ट की सुरक्षा को कई गुना बढ़ा दिया गया है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
झारखंड के अन्य कोर्ट भी निशाने पर, ‘जगुआर’ ने संभाली कमान
Jamtara उल्लेखनीय है कि यह धमकी केवल जामताड़ा तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में धनबाद और अब बोकारो सिविल कोर्ट को भी बम से उड़ाने की धमकियाँ मिली हैं।
बोकारो में भी पुलिस और डॉग स्क्वॉयड ने पूरे परिसर की सघन जांच की है। वहां झारखंड जगुआर के बम निरोधक दस्ते और स्पेशल ब्रांच की टीम ने कोर्ट रूम से लेकर छत तक की तलाशी ली। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक की जांच में कोई भी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस इसे एक बड़ी साजिश या शरारत मानकर हर पहलू पर तफ्तीश कर रही है।
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