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By: Ishu Kumar

Jamtara : नगर निकाय चुनाव की सरगर्मी के बीच जामताड़ा नगर पंचायत के वार्ड संख्या 4 में स्थित डेरासाल मोहल्ला एक बार फिर चर्चा में है। नगर क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि यहां विकास की रफ्तार तेज होगी और बुनियादी सुविधाएं सुलभ होंगी। लेकिन वर्तमान हालात बताते हैं कि यह इलाका अब भी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए संघर्ष कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कागजों में भले ही यह शहरी क्षेत्र हो, लेकिन जमीनी सच्चाई अब भी ग्रामीण जैसी ही है।

पेयजल और जलनिकासी की गंभीर समस्या

Jamtara डेरासाल में सबसे बड़ी परेशानी स्वच्छ पेयजल की है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं और नए जलस्रोतों की व्यवस्था नहीं हो पाई है। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूर-दूर तक पानी ढोना पड़ता है। गर्मी के मौसम में यह संकट और गहरा जाता है।

इसके साथ ही जलनिकासी की स्थिति भी चिंताजनक है। नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी जमा रहता है, जिससे दुर्गंध फैलती है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। निवासियों का आरोप है कि सफाई व्यवस्था केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित दिखाई देती है।

स्ट्रीट लाइट की कमी से बढ़ी परेशानी

Jamtara शाम ढलते ही डेरासाल की कई गलियां अंधेरे में डूब जाती हैं। कई स्ट्रीट लाइटें खराब हैं या समय पर नहीं जलतीं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कत होती है। खासकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को रात के समय बाहर निकलने में असुरक्षा महसूस होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकला है।

चुनावी माहौल में विकास के वादे

Jamtara चुनाव के समय क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की सक्रियता बढ़ जाती है। कुछ हैंडपंपों की मरम्मत और अस्थायी सफाई अभियान भी देखने को मिलते हैं। हालांकि, चुनाव खत्म होने के बाद समस्याएं फिर जस की तस रह जाती हैं। इस बार मतदाता साफ तौर पर विकास, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।

वार्ड के एक प्रत्याशी का कहना है कि विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और तकनीकी कारणों से कुछ देरी हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में डेरासाल की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

अब सवाल यह है कि क्या चुनाव के बाद वादे हकीकत बनेंगे या डेरासाल के लोगों को इंतजार ही करना पड़ेगा।

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