Report by: Ratan Kumar
Jamtara : बार काउंसिल ऑफ झारखंड की 23 सदस्यीय नई टीम के चयन के लिए गुरुवार को जामताड़ा में चुनावी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। जिला अधिवक्ता संघ के सभागार में आयोजित इस मतदान कार्यक्रम में अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच सुबह 10 बजे शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली, जिसमें अधिवक्ताओं ने अपने भविष्य के प्रतिनिधियों को चुनने के लिए जोश दिखाया।

मतदान का उत्साह: 216 में से 179 अधिवक्ताओं ने डाले वोट
Jamtara जिला अधिवक्ता संघ में मतदाताओं की कुल संख्या 216 है, जिनमें से 179 अधिवक्ताओं ने मतदान केंद्र पहुँचकर अपने मताधिकार का उपयोग किया। आंकड़ों के लिहाज से देखें तो यहाँ लगभग 86 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पेशेवर संस्थाओं के चुनावों के प्रति अधिवक्ताओं की जागरूकता को दर्शाता है।
इस चुनाव में कुल 100 उम्मीदवार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। अधिवक्ताओं ने पूरी गोपनीयता के साथ गुप्त मतदान प्रणाली के जरिए बैलेट बॉक्स में अपना मत डाला। मतदान के दौरान वरिष्ठ और युवा, दोनों ही वर्गों के अधिवक्ताओं में खासा उत्साह देखा गया।
पर्यवेक्षक की मौजूदगी में शांतिपूर्ण संपन्न हुई प्रक्रिया
Jamtara चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए रांची से विशेष पर्यवेक्षक के तौर पर सतीश कुमार जामताड़ा पहुँचे थे। उन्होंने मतदान समाप्ति के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पूरी प्रक्रिया अत्यंत शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण माहौल में संपन्न हुई।
उन्होंने इस बात की सराहना की कि अधिवक्ता संघ के सभी सदस्यों ने नियमों का पालन किया और चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के कारण मतदान केंद्र पर केवल मतदाताओं और अधिकृत अधिकारियों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
सफल संचालन और भविष्य की रणनीति
Jamtara मतदान प्रक्रिया को निर्बाध रूप से संपन्न कराने में निर्वाचन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पीठासीन पदाधिकारी मोहनलाल बर्मन के नेतृत्व में पूरी टीम ने मुस्तैदी दिखाई। मतदान पदाधिकारी उमेश चंद्र भैया, सह पीठासीन पदाधिकारी तुषार क्रांति घोष और अरविंद सरकार ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन किया।
मतगणना और परिणाम: सभी मतपेटियों को सुरक्षा के साथ सील कर दिया गया है। इन मतपेटियों को अब रांची भेजा जाएगा, जहाँ 22 मार्च को वोटों की गिनती की जाएगी। तब तक चुनावी मैदान में उतरे सभी 100 उम्मीदवारों का भविष्य इन मतपेटियों में कैद हो गया है। अधिवक्ताओं के बीच अब कयासों का दौर शुरू हो गया है कि कौन उनके अधिकारों की रक्षा के लिए नई टीम में शामिल होगा।
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