By: Ishu Kumar
Jamshedpur : टाटा मोटर्स वर्कर्स यूनियन द्वारा संस्थापक दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित रक्तदान शिविर ने इतिहास रच दिया। इस एक दिवसीय शिविर में कुल 3140 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो एक नया रिकॉर्ड है। हालांकि कुल 3499 रक्तदाताओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन रक्तदान 3140 लोगों ने किया। शिविर की शुरुआत सुबह 5:10 बजे हुई, और पहला रक्तदान सुबह 5:20 बजे दर्ज हुआ।
रक्तदाताओं की भारी भीड़ को देखते हुए जमशेदपुर ब्लड बैंक की टीम और पारा मेडिकल स्टाफ ने बेहतरीन प्रबंधन करते हुए पाँच काउंटरों पर तेज़ी से रजिस्ट्रेशन और ब्लड कलेक्शन की प्रक्रिया को अंजाम दिया। यूनियन के अध्यक्ष शशि भूषण प्रसाद और महामंत्री आर.के. सिंह स्वयं पूरे दिन कैंप में मौजूद रहे और हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी।

महिलाओं और युवाओं ने दिखाया उत्साह
Jamshedpur इस रक्तदान शिविर की खास बात यह रही कि महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। विशेष व्यवस्था के तहत महिला रक्तदाताओं को प्राथमिकता दी गई और उन्हें जल्दी रक्तदान करवाया गया। नैप्स के ट्रेनीज़ में भी खासा उत्साह देखा गया और कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान किया।
सभी रक्तदाताओं के लिए चाय, जलपान और भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी। यूनियन की ओर से पारा मेडिकल स्टाफ, वीबीडीए टीम और अन्य सहयोगियों के प्रति आभार प्रकट किया गया।

जेएन टाटा की प्रतिमा का अनावरण
Jamshedpur रक्तदान शिविर के साथ-साथ संस्थापक जेएन टाटा की प्रतिमा का भव्य अनावरण भी यूनियन परिसर में किया गया। इस समारोह में टाटा मोटर्स के कार्यकारी निदेशक गिरीश वाघ, प्लांट हेड अनुराग छारिया, एचआर हेड प्रणव कुमार, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व राज्यपाल रघुवर दास, समेत कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत यूनियन के अध्यक्ष व महामंत्री द्वारा पुष्पगुच्छ व प्रतीक चिह्न भेंट कर किया गया। प्रतिमा का अनावरण फीता काटकर और बटन दबाकर किया गया।

नेताओं और अधिकारियों की सराहना
Jamshedpur महामंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि कोविड काल से शुरू हुई रक्तदान की यह परंपरा अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। पिछले वर्ष 2906 यूनिट का रिकॉर्ड था, जिसे इस बार पीछे छोड़ दिया गया। पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने टाटा समूह के सामाजिक योगदान की सराहना की और रक्तदान को “जनसेवा” की मिसाल बताया।
एचआर हेड प्रणव कुमार ने रक्तदान को “महादान” बताते हुए कहा कि यह इंसानियत की सबसे बड़ी सेवा है। कार्यक्रम में सैकड़ों वरिष्ठ अधिकारी, यूनियन पदाधिकारी, पत्रकारों और कर्मचारियों ने भी रक्तदान किया और उन्हें प्रशस्ति पत्र व उपहार देकर सम्मानित किया गया।
यह शिविर न केवल रक्तदान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हुआ, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण भी बना।
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