Spread the love

by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: जल शक्ति मंत्रालय ने मंगलवार को विज्ञान भवन में भव्य समारोह में छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार-2024 के विजेताओं की घोषणा की। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र प्रदान करते हुए कहा कि ये पुरस्कार “जल ही जीवन” की थीम को जन-जन तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होंगे। इस बार कुल 10 श्रेणियों में 46 विजेताओं को चुना गया, जिनमें राज्यों से लेकर ग्राम पंचायतों तक शामिल हैं।

सर्वश्रेष्ठ राज्य: महाराष्ट्र ने मारी बाजी

  • पहला स्थान: महाराष्ट्र – 1 करोड़ रुपये नकद + ट्रॉफी + प्रमाण-पत्र 
  • दूसरा स्थान (संयुक्त): गुजरात और हरियाणा – 50-50 लाख रुपये 
  • तीसरा स्थान: तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश – 25-25 लाख रुपये 

महाराष्ट्र ने जल संरक्षण में 92% लक्ष्य हासिल किया, 1.8 लाख से ज्यादा जल संरचनाएं बनाईं और 12 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई योग्य बनाया।

सर्वश्रेष्ठ जिला (क्षेत्रवार):

  • उत्तर क्षेत्र: अंबाला (हरियाणा) – पहला 
  • पूर्व क्षेत्र: दक्षिण 24 परगना (पश्चिम बंगाल) – पहला 
  • पश्चिम क्षेत्र: खरगोन (मध्य प्रदेश) – पहला 
  • दक्षिण क्षेत्र: तिरुचिरापल्ली (तमिलनाडु) – पहला 
  • उत्तर-पूर्व: कामरूप मेट्रो (असम) – पहला 

खरगोन ने 42,000 से अधिक फार्म पॉंड बनवाए और भू-जल स्तर में 3.2 मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की।

जल संचय जन आंदोलन (JSJB) – सबसे बड़ा पुरस्कार:

  • पहला: बालोद जिला (छत्तीसगढ़) – 2 करोड़ रुपये 
  • दूसरा: धामतरी (छत्तीसगढ़) – 1.5 करोड़ रुपये 
  • तीसरा: सूरजपुर (छत्तीसगढ़) – 1 करोड़ रुपये 

छत्तीसगढ़ ने एक ही राज्य से तीनों स्थान जीतकर इतिहास रचा। बालोद में 28,000 से अधिक नरवा-गरवा-घुरवा-बारी संरचनाएं बनीं।

सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत:

  • पहला: कुरूक्षेत्र (राजस्थान) 
  • दूसरा (संयुक्त): कावेश्वर पंचायत (खंडवा, मध्य प्रदेश) और पिपरिया (नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश) 
  • तीसरा: नंदनवन (तमिलनाडु) 

अन्य प्रमुख श्रेणियां और विजेता:

  • सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय: इंदौर नगर निगम (मध्य प्रदेश) – लगातार तीसरी बार 
  • सर्वश्रेष्ठ स्कूल/कॉलेज: IIT मंडी (हिमाचल प्रदेश) – रेन वाटर हार्वेस्टिंग मॉडल 
  • सर्वश्रेष्ठ उद्योग: टाटा स्टील (जमशेदपुर) – जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्लांट 
  • सर्वश्रेष्ठ NGO: परमार्थ समस्ता (ऋषिकेश) – गंगा जल संरक्षण 
  • सर्वश्रेष्ठ मीडिया हाउस: दैनिक भास्कर (मध्य प्रदेश संस्करण) – “जल है तो कल है” अभियान 

राष्ट्रपति करेंगी विशेष पुरस्कार वितरण:
18 नवंबर 2025 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु JSJB के तीनों विजेताओं को विशेष ट्रॉफी प्रदान करेंगी। इसके अलावा 25 नवंबर को जल शक्ति अभियान-2025 का शुभारंभ भी होगा।

मंत्री पाटिल का बयान:
समारोह को संबोधित करते हुए सीआर पाटिल ने कहा: 

“2024 में देश ने 2.8 करोड़ से अधिक जल संरचनाएं बनाईं। भू-जल स्तर में औसतन 1.8 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। 2030 तक हम भारत को जल-सुरक्षित राष्ट्र बनाएंगे। ये पुरस्कार उन योद्धाओं को समर्पित हैं जो बूंद-बूंद जोड़ रहे हैं।”

मध्य प्रदेश का डबल धमाका:
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर बधाई दी: 

“खरगोन और कावेश्वर पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान। जल संरक्षण में मध्य प्रदेश अब देश का रोल मॉडल है।”

पुरस्कारों का कुल फंड:

  • नकद राशि: 18.5 करोड़ रुपये 
  • ट्रॉफी: शुद्ध क्रिस्टल और सोने का पानी चढ़ा हुआ 
  • प्रमाण-पत्र: राष्ट्रपति के हस्ताक्षर युक्त 

यह पुरस्कार हर साल “कैच द रेन – जहां पड़ती वहां संजोएं” अभियान के तहत दिए जाते हैं। अगले साल से “जल योद्धा सम्मान” नाम से व्यक्तिगत श्रेणी भी शुरू होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *