by-Ravindra Sikarwar
इजरायली सेना ने कथित तौर पर लेबनान की राजधानी बेरूत के उपनगरीय इलाकों में हवाई हमले किए हैं। इन हमलों का मुख्य निशाना हिजबुल्लाह के ड्रोन उत्पादन स्थलों को बताया जा रहा है। यह एक महीने से भी अधिक समय के बाद बेरूत में इजराइल द्वारा किया गया पहला ऐसा हमला है, जो क्षेत्र में तनाव के एक नए दौर का संकेत देता है।
हमलों का विवरण और लक्ष्य:
रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमानों ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में स्थित हिजबुल्लाह से संबंधित ठिकानों पर हमला किया। माना जा रहा है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल हिजबुल्लाह द्वारा ड्रोन के निर्माण, असेंबली और भंडारण के लिए किया जाता था। इजराइल का मानना है कि हिजबुल्लाह अपनी सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने के लिए ड्रोन तकनीक पर काफी निवेश कर रहा है, और इन ड्रोन का उपयोग इजरायली ठिकानों पर हमले या टोही मिशन के लिए किया जा सकता है। इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह की ड्रोन निर्माण क्षमता को बाधित करना और उसकी सैन्य शक्ति को कमजोर करना है।
एक महीने बाद हमले का महत्व:
यह तथ्य कि ये हमले एक महीने से अधिक समय के बाद हुए हैं, इसका विशेष महत्व है। हाल के हफ्तों में, इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच सीमा पार झड़पों की तीव्रता में कुछ कमी देखी गई थी, खासकर गाजा में चल रहे संघर्ष की पृष्ठभूमि में। इस अवधि के बाद बेरूत के शहरी इलाकों में सीधे हमले का मतलब यह हो सकता है कि इजरायल हिजबुल्लाह की क्षमता को बढ़ने नहीं देना चाहता, भले ही उसके लिए लेबनानी संप्रभुता के और उल्लंघन का जोखिम उठाना पड़े। यह संकेत देता है कि इजरायल हिजबुल्लाह की उन क्षमताओं को लेकर गंभीर है, जिन्हें वह अपनी सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है।
इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच गहराता संघर्ष:
इज़राइल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच 2006 में एक बड़ा युद्ध हो चुका है, और तब से सीमा पर लगातार झड़पें होती रही हैं। गाजा में इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध के कारण, लेबनान की सीमा पर भी तनाव काफी बढ़ गया है, और हिजबुल्लाह ने गाजा में हमास के समर्थन में इजरायल के उत्तरी ठिकानों पर कई हमले किए हैं। इजरायल ने इन हमलों के जवाब में भी हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया है, लेकिन बेरूत के उपनगरों में सीधे ड्रोन उत्पादन स्थलों को निशाना बनाना एक महत्वपूर्ण वृद्धि मानी जा सकती है।
ड्रोन का बढ़ता खतरा:
हाल के वर्षों में, ड्रोन युद्ध का एक महत्वपूर्ण पहलू बन गए हैं। हिजबुल्लाह ने अपनी ड्रोन क्षमताओं को लगातार बढ़ाया है, जिसका उपयोग वह निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और इजरायल के खिलाफ हमला करने के लिए कर रहा है। इजरायल के लिए, हिजबुल्लाह के ड्रोन उत्पादन स्थल एक महत्वपूर्ण सामरिक लक्ष्य हैं, क्योंकि ये उसकी भविष्य की आक्रामक क्षमताओं को सीधे प्रभावित करते हैं। इन ठिकानों को निशाना बनाकर, इजरायल हिजबुल्लाह की हवाई क्षमता को कम करने की कोशिश कर रहा है।
क्षेत्रीय निहितार्थ:
बेरूत पर इजरायली हमले के क्षेत्रीय निहितार्थ गंभीर हो सकते हैं। लेबनान पहले से ही एक गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है, और ऐसे हमले देश की अस्थिरता को और बढ़ा सकते हैं। यह कदम संघर्ष को और भड़का सकता है, और लेबनान को इजरायल के साथ सीधे टकराव में खींच सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और तनाव को कम करने के लिए राजनयिक प्रयासों का आह्वान कर सकता है।
कुल मिलाकर, बेरूत में हुए ये हमले इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष में एक नए, चिंताजनक मोड़ को दर्शाते हैं, जो क्षेत्र में पहले से ही नाजुक शांति को और अधिक चुनौती दे रहा है।
