Iran Protests: ईरान में चल रहे व्यापक विरोध प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 538 लोगों के मारे जाने और 10,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किए जाने की खबर है, जो मानवाधिकार समूहों द्वारा जारी आंकड़ों पर आधारित है।
प्रदर्शन आर्थिक कठिनाइयों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब यह व्यापक विरोध में बदल गए हैं जिसमें राजनीतिक बदलाव की मांग भी उठ रही है।
Iran Protests: प्रदर्शनों की शुरुआत और कारण
दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन पहले मुद्रा गिरावट, उच्च महंगाई और बेरोज़गारी जैसे आर्थिक कारणों से शुरू हुए थे। बाद में ये व्यापक असंतोष के रूप में बढ़ गए और अब सिर्फ़ आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रह गए हैं।
प्रदर्शन अधिकांश शहरों तक फैल चुके हैं और जनता ने सरकार की आर्थिक नीतियों और राजनीतिक नेतृत्व की आलोचना तेज़ कर दी है।
Iran Protests: हताहतों और गिरफ्तारियों की संख्या
अमेरिका स्थित मानवाधिकार समूह HRANA की जानकारी के मुताबिक़:
- अब तक कम से कम 538 लोग मरे हैं, जिनमें ज़्यादातर प्रदर्शनकारी हैं जबकि कुछ सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।
- 10,600 से ज़्यादा लोग हिरासत में लिए गए हैं।
सरकार ने अब तक आधिकारिक मौत या गिरफ्तारी की संख्या नहीं दी है, और इंटरनेट तथा फोन सेवाओं पर पाबंदी के कारण वास्तविक आंकड़े और अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
सरकारी प्रतिक्रिया और अंतरराष्ट्रीय तनाव
ईरान ने विरोध प्रदर्शनों को “अराजकता फैलाने” वाला बताया है और कई बार चेतावनी दी है कि बाहरी देशों के हस्तक्षेप पर कड़ी प्रतिक्रिया हो सकती है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि ईरान ने अमेरिका और इज़राइल को “वैध लक्ष्य” बताया है अगर वे हस्तक्षेप करते हैं।
इंटरनेट और संचार सेवाओं में व्यवधान के कारण देश के बाहर से पूरी स्थिति का आकलन करना कठिन हो गया है, जबकि विरोध प्रदर्शन जारी हैं और हिंसा के भी कई दृश्य सामने आ रहे हैं।
अब आगे क्या?
ऐसे में ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के चलते स्थिति अस्थिर बनी हुई है। आर्थिक संकट के अलावा राजनीतिक असंतोष ने व्यापक समर्थन पाया है, जिससे माहौल और कड़ा हो गया है। सरकारी कार्रवाई और दमन की खबरों के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

