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By: Ravindra Sikarwar

समाज को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने कथित तौर पर अपनी ही बहन की हत्या कराने की साजिश रच दी। मामला अंतर-सामुदायिक प्रेम संबंध से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि युवती का एक अन्य समुदाय के युवक से प्रेम संबंध था, जिससे परिवार विशेषकर उसका भाई बेहद नाराज था। परिवार की “इज्जत” के नाम पर भाई ने अमानवीय कदम उठाते हुए अपने दोस्त को बहन के साथ दुष्कर्म और फिर उसकी हत्या करने के लिए उकसाया।

दोस्त को बनाया गया साजिश का मोहरा
पुलिस के अनुसार, आरोपी भाई ने अपने करीबी दोस्त से संपर्क किया और उसे पूरी योजना में शामिल किया। उसने दोस्त को भरोसे में लेकर बहन को रास्ते से हटाने की बात कही। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने दोस्त को लालच और दबाव दोनों का इस्तेमाल कर इस जघन्य अपराध के लिए तैयार किया। घटना के दिन बहन को किसी बहाने से सुनसान जगह पर बुलाया गया, जहां आरोपी दोस्त ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में उसकी हत्या कर दी।

हत्या को दुर्घटना दिखाने की कोशिश
अपराध के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने और मामले को दुर्घटना या किसी अज्ञात हमले का रूप देने की कोशिश की। शव को एक सुनसान इलाके में फेंक दिया गया, ताकि पहचान और सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि, पुलिस की शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने इस कहानी की परतें खोल दीं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के दौरान मिले विरोधाभासी बयानों ने साजिश की ओर इशारा किया।

पुलिस जांच में हुआ बड़ा खुलासा
पुलिस ने जब गहराई से जांच की तो सबसे पहले भाई की भूमिका संदिग्ध पाई गई। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी दोस्त को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला ऑनर किलिंग और यौन हिंसा दोनों का गंभीर उदाहरण है। जांच में यह भी सामने आया कि भाई को बहन के प्रेम संबंध की जानकारी काफी समय से थी और वह लगातार उसे धमका रहा था।

समाज और कानून के लिए गंभीर सवाल
यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की मानसिकता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है। आज भी कई जगहों पर अंतर-सामुदायिक या अंतर-जातीय प्रेम संबंधों को स्वीकार नहीं किया जाता, जिसके चलते इस तरह की हिंसक घटनाएं सामने आती हैं। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि समाज में एक सख्त संदेश जाए।

पीड़िता के लिए न्याय की मांग
पीड़िता के परिजनों और सामाजिक संगठनों ने इस मामले में त्वरित न्याय और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की है। महिला अधिकार संगठनों ने इसे महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया है। उनका कहना है कि जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी और कानून का भय नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाएं रुक नहीं पाएंगी।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि “इज्जत” के नाम पर की जाने वाली हिंसा कितनी भयावह हो सकती है। एक भाई द्वारा अपनी ही बहन के खिलाफ रची गई साजिश ने इंसानियत को झकझोर दिया है। अब सबकी निगाहें कानून पर टिकी हैं कि दोषियों को कितनी सख्त सजा मिलती है और क्या इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी।

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