by-Ravindra Sikarwar
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। 3 अक्टूबर 2025 को जारी बयान के अनुसार, एनएचएआई क्विक रिस्पॉन्स (क्यूआर) कोड वाले परियोजना सूचना बोर्ड स्थापित करेगा। ये बोर्ड यात्रियों को स्कैन करने पर तत्काल महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएंगे, जिससे आपातकालीन सेवाओं तक पहुंच आसान हो जाएगी और यात्रा अनुभव बेहतर बनेगा। यह कदम सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और राजमार्गों के बारे में जागरूकता फैलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
इस पहल का उद्देश्य:
एनएचएआई का मुख्य लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वालों को त्वरित और सटीक जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे किसी भी समस्या का सामना करने पर सहायता प्राप्त कर सकें। ये क्यूआर कोड बोर्ड न केवल आपातकालीन संपर्कों तक पहुंच सुनिश्चित करेंगे, बल्कि स्थानीय सुविधाओं की जानकारी भी देंगे। इससे यात्रियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाया जा सकेगा और सड़क सुरक्षा में वृद्धि होगी। एनएचएआई के अनुसार, यह व्यवस्था राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए सुविधाजनक यात्रा का माध्यम बनेगी तथा परियोजनाओं की प्रगति पर पारदर्शिता लाएगी।
क्यूआर कोड द्वारा उपलब्ध जानकारी:
ये ऊर्ध्वाधर क्यूआर कोड सूचना बोर्ड स्कैन करने पर निम्नलिखित विस्तृत विवरण प्रदान करेंगे:
- राष्ट्रीय राजमार्ग का संख्या।
- राजमार्ग श्रृंखला (चेनेज)।
- परियोजना की कुल लंबाई।
- निर्माण अवधि और रखरखाव की समयसीमा।
- राजमार्ग गश्ती, टोल प्रबंधक, परियोजना प्रबंधक, निवासी इंजीनियर के संपर्क नंबर।
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1033।
- एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालय का संपर्क।
इसके अलावा, आसपास की उपयोगी सुविधाओं की जानकारी भी मिलेगी, जैसे:
- नजदीकी अस्पताल।
- पेट्रोल पंप।
- शौचालय।
- पुलिस स्टेशन।
- रेस्तरां।
- टोल प्लाजा की दूरी।
- ट्रक लेई-बाई।
- पंक्चर मरम्मत की दुकानें।
- वाहन सेवा स्टेशन या ई-चार्जिंग स्टेशन।
यह जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होने से यात्रियों को मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत सहायता मिल सकेगी।
बोर्डों की स्थापना के स्थान:
बेहतर दृश्यता और पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ये क्यूआर कोड बोर्ड रणनीतिक स्थानों पर लगाए जाएंगे:
- वेजसाइड सुविधा केंद्र।
- विश्राम क्षेत्र।
- टोल प्लाजा।
- ट्रक लेई-बाई।
- राजमार्ग के प्रारंभिक और अंतिम बिंदु।
- मौजूदा साइनेज के निकट।
इन स्थानों का चयन इसलिए किया गया है ताकि यात्री यात्रा के दौरान आसानी से इन्हें देख सकें और उपयोग कर सकें।
कार्यान्वयन की प्रक्रिया:
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत आने वाले एनएचएआई ने इस योजना की घोषणा शुक्रवार को की। बोर्डों को राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों पर चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाएगा, हालांकि पूर्ण कार्यान्वयन की समयसीमा या लागत संबंधी कोई स्पष्ट विवरण अभी जारी नहीं किया गया है। एनएचएआई ने कहा है कि ये बोर्ड परियोजना-विशिष्ट डेटा के साथ डिजाइन किए गए हैं, जो यात्रियों को स्थानीय और आपातकालीन सेवाओं तक डिजिटल पहुंच प्रदान करेंगे। यह पहल देशभर के राजमार्ग नेटवर्क को कवर करेगी, जहां वर्तमान में हजारों किलोमीटर सड़कें संचालित हैं।
यात्रियों के लिए लाभ:
यह नई व्यवस्था कई लाभ प्रदान करेगी:
- सुरक्षा में वृद्धि: आपातकालीन और स्थानीय जानकारी की आसान पहुंच से दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
- यात्रा अनुभव का सुधार: त्वरित सहायता से परेशानियां कम होंगी, विशेषकर लंबी दूरी की यात्राओं में।
- पारदर्शिता: परियोजना विवरण से उपयोगकर्ता राजमार्ग विकास की प्रगति से अवगत रहेंगे।
- जागरूकता: राष्ट्रीय राजमार्गों के महत्व और सेवाओं के बारे में व्यापक जानकारी फैलेगी।
एनएचएआई के बयान में उल्लेख है कि “ये क्यूआर कोड बोर्ड न केवल सड़क सुरक्षा को मजबूत करेंगे, बल्कि उपयोगकर्ता अनुभव और राष्ट्रीय राजमार्गों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।” यह पहल डिजिटल इंडिया के अनुरूप है, जहां तकनीक को दैनिक जीवन में एकीकृत किया जा रहा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ:
भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क तेजी से विस्तार कर रहा है, और एनएचएआई विभिन्न नवीनतम तकनीकों को अपनाने में अग्रणी है। पहले भी एनएचएआई ने राजमार्गों पर डिजिटल साइनेज और ऐप-आधारित सेवाएं शुरू की हैं। यह क्यूआर कोड पहल इसी दिशा में एक और कदम है, जो यात्रियों को सशक्त बनाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल यातायात प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि पर्यटन और वाणिज्यिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
यह योजना राष्ट्रीय राजमार्गों को अधिक यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, जो अंततः सुरक्षित और कुशल यात्रा सुनिश्चित करेगी।
