by-Ravindra Sikarwar
इंदौर: इंदौर के एक सरकारी अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। शुरुआती खबरों के अनुसार, बच्चे की मौत कथित तौर पर चूहों के काटने से निमोनिया के कारण हुई। इस दुखद घटना के बाद, अस्पताल के तीन अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया गया है, और विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा है।
घटना का विवरण:
यह दिल दहला देने वाली घटना इंदौर के एक सरकारी अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU) में हुई। बताया जाता है कि कुछ दिनों पहले जन्मा यह बच्चा निमोनिया से पीड़ित था और उसका इलाज चल रहा था। बच्चे के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण उनके बच्चे को चूहों ने काट लिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई और अंततः उसकी मौत हो गई।
चूहों के काटने के निशान बच्चे के शरीर पर स्पष्ट रूप से देखे गए थे, जिससे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सरकार की कार्रवाई:
इस घटना की जानकारी मिलते ही, राज्य सरकार ने तुरंत सख्त कदम उठाए। स्वास्थ्य विभाग ने घटना की उच्च-स्तरीय जांच का आदेश दिया है। इसके अलावा, अस्पताल के अधीक्षक, एक नर्स और एक वार्ड बॉय सहित तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
राज्य सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।
कांग्रेस का हमला:
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह घटना राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में चूहों का होना और उनका नवजात शिशु की इकाई तक पहुँचना, सरकार की लापरवाही का सबूत है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से इस मामले में जवाबदेही तय करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। पार्टी ने यह भी कहा है कि वे इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
इस घटना ने एक बार फिर से सरकारी अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं और स्वच्छता की कमी के मुद्दे को उजागर किया है। यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में कितनी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई करती है।
