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By: Ravindra Sikarwar

इंदौर: शहर के व्यस्त पुलिस जीवन के बीच एक दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिला पुलिस बल (डीआरपी) लाइन में पदस्थ 28 वर्षीय महिला कांस्टेबल ने गुरुवार देर रात अपने घर में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रेखा परमार (नाम परिवर्तित) के रूप में हुई है। वह मूलतः इंदौर जिले के एक गांव की निवासी थी और पिछले चार साल से मध्यप्रदेश पुलिस में अपनी सेवाएं दे रही थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच में जुट गए हैं।

घर में अकेली थी कांस्टेबल, परिजन खेत पर गए थे
जानकारी के अनुसार, महिला कांस्टेबल डीआरपी लाइन में ड्यूटी पर तैनात थी। गुरुवार को उसकी छुट्टी थी, इसलिए वह अपने परिवार के साथ रहने वाले किराए के मकान पर थी। परिवार के लोग दिन में खेत पर काम करने गए थे और शाम तक लौटने वाले थे। इसी बीच दोपहर करीब 3 बजे पड़ोसियों को जब घर से कोई हलचल नहीं दिखी तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला तो परिजनों को फोन किया गया। जब परिजन घर पहुंचे और कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो रेखा दुपट्टे के सहारे पंखे से लटकी हुई थी। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मां और पति बार-बार बेहोश हो रहे हैं। परिवार वाले अभी तक यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर उनकी बेटी ने इतना खतरनाक कदम क्यों उठाया। पुलिस ने मौके से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। मृतका का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया गया है, जिसकी कॉल डिटेल और मैसेज की जांच की जा रही है। परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि पिछले कुछ दिनों से वह चुप-चुप और उदास रहने लगी थी, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया।

पुलिस महकमे में शोक की लहर, अफसर खुद जांच कर रहे
महिला कांस्टेबल की आत्महत्या की खबर जैसे ही डीआरपी लाइन और पुलिस मुख्यालय पहुंची, पूरे महकमे में सन्नाटा छा गया। कई साथी कांस्टेबल और अफसर घटनास्थल पर पहुंचे। इंदौर के पुलिस महानिरीक्षक (IG) और पुलिस अधीक्षक (SP ग्रामीण) ने स्वयं मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपने हाथ में ले ली है। IG ने बताया कि महिला कांस्टेबल की ड्यूटी और मानसिक स्थिति को लेकर गहन जांच की जा रही है। क्या ड्यूटी के दौरान कोई दबाव था? कोई सीनियर का उत्पीड़न तो नहीं था? या फिर पारिवारिक कारण थे? हर पहलू की बारीकी से पड़ताल होगी।

पिछले दिनों तनाव में दिखी थीं, साथियों ने भी जताई चिंता
साथी महिला कांस्टेबलों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रेखा ड्यूटी के दौरान भी चिड़चिड़ी और कम बोलने लगी थी। कई बार उसने नींद न आने और सिर दर्द की शिकायत की थी। कुछ साथियों ने सलाह भी दी थी कि वह काउंसलिंग लें या छुट्टी लेकर परिवार के साथ समय बिताएं, लेकिन उसने टाल दिया था। पुलिस विभाग में महिला कांस्टेबलों के लिए समय-समय पर तनाव प्रबंधन और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं, लेकिन व्यस्त ड्यूटी के कारण कई जवान इनका लाभ नहीं ले पाते।

पोस्टमॉर्टम के बाद होगा अंतिम संस्कार
शव को शासकीय अस्पताल के मॉर्चुरी में रखवाया गया है। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस विभाग के अधिकारियों ने सभी थानों और यूनिट्स को निर्देश दिए हैं कि अपने अधीनस्थ जवानों की मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान रखें और कोई भी जवान यदि तनाव में दिखे तो तुरंत काउंसलिंग की व्यवस्था की जाए।

ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह दुख सहने की शक्ति दे।

ओम शांति!

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