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By: Ravindra Sikarwar

कनाडा के टोरंटो शहर में भारतीय मूल के युवाओं के खिलाफ हिंसक घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक 20 वर्षीय भारतीय छात्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिसने वहां रह रहे भारतीय समुदाय में दहशत और गुस्से की लहर पैदा कर दी है। यह घटना विश्वविद्यालय परिसर के करीब हुई, जहां छात्रों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही चिंताएं व्यक्त की जा रही थीं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला है।

घटना का विवरण: दिनदहाड़े हुई क्रूर वारदात
टोरंटो पुलिस के अनुसार, यह दिल दहला देने वाली घटना 23 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। स्थान था हाइलैंड क्रीक ट्रेल और ओल्ड किंग्सटन रोड का इलाका, जो यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो कैंपस (UTSC) के काफी नजदीक है। इस क्षेत्र को छात्र अक्सर घूमने-फिरने या आने-जाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया।

पीड़ित की पहचान 20 वर्षीय शिवांक अवस्थी के रूप में हुई, जो टोरंटो में रहते थे और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में उन्हें डॉक्टरल स्तर का छात्र बताया गया है, जबकि अन्य में लाइफ साइंसेज के थर्ड ईयर अंडरग्रेजुएट छात्र के रूप में। शिवांक यूनिवर्सिटी की चीयरलीडिंग टीम के भी सदस्य थे, जहां वे अपनी ऊर्जा और प्रोत्साहन देने वाले स्वभाव के लिए जाने जाते थे। टीम ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कमी हमेशा खलेगी।

पुलिस मौके पर पहुंची तो शिवांक को गोली लगी हालत में पाया गया। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हमलावर घटना के बाद फरार हो गए, और अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। टोरंटो पुलिस ने शिवांक की तस्वीर जारी कर जनता से सूचना मांगी है। यह मामला शहर में 2025 की 41वीं हत्या के रूप में दर्ज किया गया है। विश्वविद्यालय ने घटना के बाद कैंपस में सुरक्षा अलर्ट जारी किया और प्रभावित इलाके को कुछ समय के लिए बंद रखा।

छात्र समुदाय में भय और आक्रोश
इस वारदात ने यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो स्कारबोरो के छात्रों में गहरा डर पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे रेडिट पर छात्रों ने अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं। कई ने कहा कि यह इलाका विश्वविद्यालय द्वारा प्रमोट किया जाने वाला सुरक्षित क्षेत्र माना जाता था, लेकिन अब दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सबको हिला दिया है। छात्र बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, जैसे अधिक गश्त, सीसीटीवी कवरेज और इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम।

एक छात्र ने लिखा, “यह वैली क्षेत्र छात्रों के लिए पॉपुलर है, लेकिन अब यहां जाना भी खतरनाक लगता है।” विश्वविद्यालय प्रशासन ने घटना पर दुख व्यक्त किया है और कहा कि वे पुलिस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने शिवांक के छात्र होने की पुष्टि नहीं की, लेकिन समुदाय में उन्हें एक होनहार युवा के रूप में याद किया जा रहा है।

भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया और सहायता
भारतीय महावाणिज्य दूतावास, टोरंटो ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दूतावास के बयान में कहा गया, “हम युवा भारतीय छात्र शिवांक अवस्थी की स्कारबोरो कैंपस के पास हुई गोलीबारी में मौत पर गहरा दुख महसूस कर रहे हैं। हम शोक संतप्त परिवार के संपर्क में हैं और स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय कर हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।”

दूतावास ने परिवार को कांसुलर सहायता, शव देश-प्रत्यावर्तन और अन्य जरूरी मदद का आश्वासन दिया है। यह घटना कनाडा में भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ रही है, खासकर जब विदेशी छात्रों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

तीन दिनों में दूसरी बड़ी घटना: हिमांशी खुराना का मामला
यह वारदात और भी चौंकाने वाली इसलिए है क्योंकि इससे मात्र कुछ दिन पहले टोरंटो में ही एक अन्य भारतीय मूल की 30 वर्षीय महिला हिमांशी खुराना की हत्या हुई थी। हिमांशी का शव 20 दिसंबर 2025 को उनके घर में मिला था। पुलिस ने 19 दिसंबर की रात उन्हें लापता घोषित किया था।

इस मामले में पुलिस ने हिमांशी के साथी अब्दुल गफूरी (32 वर्ष) पर पहली डिग्री हत्या का आरोप लगाया है और उनके खिलाफ कनाडा-व्यापी वारंट जारी किया है। पुलिस का मानना है कि यह घरेलू हिंसा का मामला है। यह टोरंटो की 40वीं हत्या थी। दूतावास ने इस घटना पर भी शोक व्यक्त किया और परिवार को सहायता का भरोसा दिलाया।

दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं, लेकिन इतने कम अंतराल में दो भारतीय मूल के लोगों की मौत ने समुदाय में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि कनाडा में अप्रवासियों, खासकर दक्षिण एशियाई मूल के लोगों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि चिंताजनक है।

आगे की राह: सुरक्षा पर जोर
ये घटनाएं कनाडा में भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर रही हैं। हजारों भारतीय युवा बेहतर शिक्षा और करियर के लिए कनाडा जाते हैं, लेकिन ऐसी वारदातें उनके सपनों पर ग्रहण लगा रही हैं। सरकार और विश्वविद्यालयों से बेहतर सुरक्षा उपायों की मांग तेज हो गई है।

पुलिस दोनों मामलों में जांच जारी रखे हुए है और जनता से सहयोग की अपील कर रही है। उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा और ऐसे अपराधों पर अंकुश लगेगा। शिवांक अवस्थी और हिमांशी खुराना जैसे युवाओं की असमय मौत पूरे समुदाय के लिए एक सबक है कि सुरक्षा को प्राथमिकता देनी होगी।

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