by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। अब बुक किए गए कन्फर्म्ड ट्रेन टिकटों की यात्रा तिथि को बदलना संभव हो जाएगा, बिना किसी कैंसिलेशन शुल्क के। यह नई नीति जनवरी 2026 से लागू होगी, जिसकी घोषणा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की है। वर्तमान में, यात्रा तिथि बदलने के लिए यात्रियों को टिकट कैंसल कर नया बुकिंग करनी पड़ती है, जिसमें समय के आधार पर 25% तक का कटौती हो जाती है। इस नई व्यवस्था से लाखों यात्रियों को आर्थिक नुकसान से बचत होगी और यात्रा योजनाओं में लचीलापन आएगा।
नई नीति की प्रमुख विशेषताएं और कार्यान्वयन:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एनडीटीवी को दिए साक्षात्कार में बताया कि यह सुविधा पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे यात्रियों को आरक्षण काउंटर पर लंबी कतारों का सामना नहीं करना पड़ेगा। जनवरी 2026 से आईआरसीटीसी वेबसाइट या ऐप के माध्यम से यात्री अपनी बुकिंग के बाद यात्रा तिथि को आसानी से संशोधित कर सकेंगे। यदि नई तिथि पर टिकट महंगा हो गया हो, तो अंतर की राशि देनी होगी, लेकिन कन्फर्म्ड टिकट होने पर भी कैंसिलेशन शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, नई तिथि पर सीट उपलब्धता के आधार पर टिकट कन्फर्म हो पाएगा या नहीं, यह गारंटी नहीं दी जा सकती।
यह बदलाव रेलवे के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का हिस्सा है, जो यात्रियों की शिकायतों को दूर करने के लिए लाया गया है। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश जारी कर दिए हैं कि इस सुविधा को समय पर लागू किया जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैंसिलेशन दर में कमी आएगी और सीटों का बेहतर उपयोग होगा। वर्तमान नियमों के तहत, प्रस्थान से 48 से 12 घंटे पहले कैंसल करने पर 25% कटौती होती है, जबकि 12 से 4 घंटे पहले यह 50% तक पहुंच जाती है। चार्ट तैयार होने के बाद रिफंड नहीं मिलता। नई व्यवस्था इन समस्याओं का समाधान करेगी।
वर्तमान प्रक्रिया बनाम नई व्यवस्था: तुलना
| विशेषता | वर्तमान प्रक्रिया | नई नीति (जनवरी 2026 से) |
| तिथि बदलाव का तरीका | टिकट कैंसल कर नया बुकिंग करना आवश्यक | सीधे ऑनलाइन तिथि संशोधन, बिना कैंसलेशन के |
| शुल्क | समय के आधार पर 25% से 50% कटौती | कोई कैंसलेशन शुल्क नहीं; केवल किराया अंतर |
| कन्फर्मेशन की गारंटी | नई बुकिंग पर निर्भर, जोखिम भरा | उपलब्धता पर निर्भर, लेकिन आसान प्रक्रिया |
| उपलब्धता | ऑफलाइन काउंटर या ऐप से कैंसलेशन | पूर्णतः ऑनलाइन, 24×7 सुविधा |
यह तुलना दर्शाती है कि नई नीति यात्रियों के लिए कितनी सुगम होगी, खासकर अचानक बदलाव आने वाली स्थितियों जैसे स्वास्थ्य समस्या या कार्यस्थल की अनिश्चितता में।
यात्रियों के लिए फायदे और संभावित चुनौतियां:
यह नीति यात्रियों को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि समय की भी बचत करेगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई यात्री दिल्ली से मुंबई की यात्रा के लिए टिकट बुक करता है लेकिन काम के कारण दो दिन बाद जाना पड़े, तो पहले उसे 25% शुल्क देकर कैंसल करना पड़ता था और नई तिथि पर कन्फर्मेशन की चिंता रहती थी। अब यह प्रक्रिया कुछ ही क्लिक में पूरी हो जाएगी। रेल मंत्री ने कहा, “यह व्यवस्था यात्री हित में है और रेलवे को अधिक लचीला बनाएगी।”
हालांकि, कुछ चुनौतियां भी हो सकती हैं। पीक सीजन में सीटों की उपलब्धता कम होने से संशोधन के बाद वेटलिस्ट पर जाना पड़ सकता है। इसके अलावा, किराया अंतर का भुगतान अनिवार्य होगा, जो महंगाई के दौर में अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल कन्फर्म्ड टिकटों पर लागू होगी, वेटिंग टिकटों पर नहीं।
रेलवे की अन्य हालिया पहलें:
यह बदलाव रेलवे की यात्रियों के प्रति संवेदनशीलता को दर्शाता है। हाल ही में, 1 नवंबर 2024 से अग्रिम आरक्षण अवधि (एआरपी) को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया गया था, ताकि कैंसिलेशन और ‘नो-शो’ की समस्या कम हो। इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2025 से ऑनलाइन बुकिंग के पहले 15 मिनट में आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य हो गया है। ये कदम डिजिटल इंडिया और यात्री सुविधा को मजबूत बनाने की दिशा में हैं। रेलवे ने चार राज्यों में 24,634 करोड़ रुपये के मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट भी मंजूर किए हैं, जो नेटवर्क को मजबूत करेंगे।
यात्रियों ने इस घोषणा का स्वागत किया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे “यात्री-मित्र नीति” करार दिया है। रेलवे ने सलाह दी है कि यात्री आईआरसीटीसी ऐप अपडेट रखें ताकि नई सुविधा का लाभ उठा सकें। यह कदम निश्चित रूप से भारतीय रेलवे को विश्व स्तर की सेवा प्रदान करने की ओर ले जाएगा, जहां लचीलापन और पारदर्शिता प्रमुख होंगे।
