by-Ravindra Sikarwar
न्यूयोर्क: लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अमेरिकी अधिकारियों द्वारा एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर ज़मीन पर गिराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। इस घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा कर दिया है और जवाबदेही की मांग की जा रही है।
वायरल वीडियो और दर्दनाक दृश्य:
भारतीय-अमेरिकी उद्यमी कुणाल जैन द्वारा फिल्माए गए इस फुटेज में कम से कम चार अधिकारियों को छात्र को ज़बरदस्ती काबू करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में दिख रहा है कि दो अधिकारी उसकी पीठ पर घुटने टेककर बैठे हैं, और उसके हाथ-पैर बंधे हुए हैं। छात्र, जो स्पष्ट रूप से परेशान दिख रहा है, उसे हिंदी में रोते और चिल्लाते हुए सुना जा सकता है: “मैं पागल नहीं हूँ, ये मुझे पागल बना रहे हैं।”
कुणाल जैन ने एक्स (पहले ट्विटर) पर इस घटना को “मानवीय त्रासदी” बताते हुए पोस्ट किया, “वह सपने पूरे करने आया था, नुकसान पहुंचाने नहीं,” और भारतीय दूतावास से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
भारतीय वाणिज्य दूतावास की प्रतिक्रिया:
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए, न्यूयॉर्क में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लिया और एक बयान जारी किया। वाणिज्य दूतावास ने कहा, “हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं। वाणिज्य दूतावास भारतीय नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।” यह बयान इस बात का संकेत देता है कि भारतीय अधिकारी मामले की जानकारी ले रहे हैं और छात्र की स्थिति के बारे में पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं।
पहचान और निर्वासन का कारण अभी भी अज्ञात:
छात्र की पहचान और उसे निर्वासित करने के कारणों के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। यह वीडियो अमेरिका में भारतीय प्रवासियों के साथ मानवीय व्यवहार और पारदर्शिता की मांग को और तेज़ कर रहा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब विदेशों में भारतीय नागरिकों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों को लेकर चिंता बढ़ रही है।
व्यापक आक्रोश और जवाबदेही की मांग:
वीडियो के वायरल होने के बाद से, भारतीय समुदाय और दुनिया भर के लोग इस घटना की निंदा कर रहे हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अमेरिकी अधिकारियों के अत्यधिक बल प्रयोग की आलोचना की है और इस मामले में पूरी तरह से जांच की मांग की है। यह घटना अमेरिकी हवाई अड्डों पर आव्रजन प्रक्रियाओं और अधिकारियों के प्रशिक्षण पर सवाल उठाती है।
