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by-Ravindra Sikarwar

नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना (IAF) की स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा, जो देश की केवल सात महिला फाइटर पायलटों में से एक हैं, पुराने हो चुके मिग-21 विमान बेड़े की ऐतिहासिक विदाई उड़ान का नेतृत्व करेंगी। 2018 में वायुसेना अकादमी से प्रशिक्षित शर्मा इस समारोह में मिग-21 की अंतिम उड़ान का हिस्सा बनकर इतिहास रचेंगी। यह आयोजन भारतीय वायुसेना के लिए एक भावनात्मक और गौरवपूर्ण क्षण होगा, क्योंकि मिग-21 ने दशकों तक देश की हवाई सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

प्रिया शर्मा का परिचय:
स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा ने 2018 में वायुसेना अकादमी, डुंडीगल से अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी। वह उन चुनिंदा महिला पायलटों में से एक हैं, जिन्होंने फाइटर जेट उड़ाने की कठिन चुनौती को स्वीकार किया। प्रिया ने मिग-21 जैसे अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों को उड़ाने में अपनी विशेषज्ञता साबित की है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित किया है, बल्कि युवा पीढ़ी, विशेषकर महिलाओं के लिए, एक प्रेरणा स्रोत के रूप में भी स्थापित किया है।

मिग-21 की विदाई:
मिग-21, जिसे भारतीय वायुसेना में “फ्लाइंग कॉफिन” के नाम से भी जाना जाता है, 1960 के दशक से वायुसेना का एक अभिन्न हिस्सा रहा है। इस विमान ने 1965, 1971 और 1999 के कारगिल युद्ध सहित कई महत्वपूर्ण युद्धों में भारत की रक्षा की है। हालांकि, अपनी उम्र और तकनीकी सीमाओं के कारण, मिग-21 को अब धीरे-धीरे सेवामुक्त किया जा रहा है। भारतीय वायुसेना अब आधुनिक विमानों, जैसे तेजस, राफेल और सुखोई-30 पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मिग-21 की अंतिम उड़ान एक औपचारिक समारोह के रूप में आयोजित की जाएगी, जिसमें स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा इस बेड़े को विदाई देने के लिए उड़ान भरेंगी।

विदाई समारोह का महत्व:
यह विदाई समारोह भारतीय वायुसेना के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा। मिग-21 ने न केवल युद्ध के मैदान में अपनी ताकत दिखाई, बल्कि वायुसेना के पायलटों को प्रशिक्षित करने और उनकी क्षमताओं को निखारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस समारोह में वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी, पूर्व पायलट और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। यह आयोजन मिग-21 के योगदान को सम्मान देने और वायुसेना के आधुनिकीकरण की दिशा में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक होगा।

समारोह का विवरण:
विदाई उड़ान का आयोजन एक प्रमुख वायुसेना स्टेशन पर किया जाएगा, जहां स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा मिग-21 की अंतिम उड़ान का नेतृत्व करेंगी। इस दौरान एक विशेष प्रदर्शन उड़ान (फ्लाईपास्ट) का आयोजन होगा, जिसमें मिग-21 की ताकत और गौरव को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह में मिग-21 के इतिहास और इसके योगदान को दर्शाने वाली एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, वायुसेना के अन्य आधुनिक विमानों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति को रेखांकित करेगा।

प्रिया शर्मा की भूमिका और प्रेरणा:
स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा का इस समारोह में नेतृत्व करना न केवल उनके लिए व्यक्तिगत गौरव का क्षण है, बल्कि यह भारतीय वायुसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है। प्रिया ने कहा, “मिग-21 की उड़ान मेरे लिए हमेशा एक विशेष अनुभव रही है। इसकी विदाई उड़ान का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान की बात है।” उनकी इस उपलब्धि ने देश भर की युवतियों को सशस्त्र बलों में शामिल होने और अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया है।

मिग-21 का योगदान:
मिग-21 ने भारतीय वायुसेना को कई दशकों तक अपनी सेवाएं दीं। यह विमान अपनी गति, हल्के डिजाइन और युद्ध में प्रभावशीलता के लिए जाना जाता था। 1971 के भारत-पाक युद्ध में मिग-21 ने दुश्मन के विमानों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हालांकि, हाल के वर्षों में इसके पुराने डिजाइन और दुर्घटनाओं के कारण इसे सेवामुक्त करने का निर्णय लिया गया। वायुसेना अब स्वदेशी तेजस और अन्य आधुनिक विमानों पर निर्भरता बढ़ा रही है।

भविष्य की दिशा:
मिग-21 की विदाई के साथ, भारतीय वायुसेना आधुनिकीकरण की ओर तेजी से बढ़ रही है। स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस, फ्रांस से खरीदे गए राफेल और रूस के सुखोई-30 जैसे विमान अब वायुसेना की रीढ़ बन रहे हैं। इसके अलावा, ड्रोन और अन्य उन्नत तकनीकों का उपयोग भी बढ़ रहा है। यह विदाई समारोह न केवल मिग-21 को श्रद्धांजलि है, बल्कि भारतीय वायुसेना की नई दिशा और ताकत का प्रतीक भी है।

निष्कर्ष:
स्क्वाड्रन लीडर प्रिया शर्मा द्वारा मिग-21 की विदाई उड़ान का नेतृत्व भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक सुनहरा पन्ना जोड़ेगा। यह आयोजन न केवल मिग-21 के गौरवशाली इतिहास को सम्मान देगा, बल्कि यह भी दर्शाएगा कि भारतीय वायुसेना आधुनिक युग की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रिया शर्मा की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि साहस और समर्पण के साथ कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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