by-Ravindra Sikarwar
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जा रहे भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन वेस्टइंडीज की टीम ने मजबूत वापसी करते हुए अपनी दूसरी पारी में 390 रन बनाए और भारत को जीत के लिए 121 रनों का लक्ष्य दिया। मैच में फॉलो-ऑन खेलने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने जॉन कैंपबेल और शाई होप की शानदार शतकीय पारियों की बदौलत बढ़त हासिल की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आखिरकार उन्हें समेट दिया। दिन के अंत में भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट गंवा दिया, लेकिन अभी भी मैच में मजबूत स्थिति में है। यह सीरीज का निर्णायक मुकाबला है, जहां भारत पहले टेस्ट में जीत दर्ज कर चुका है।
मैच का संक्षिप्त पृष्ठभूमि:
पहली पारी में वेस्टइंडीज की टीम 248 रनों पर सिमट गई थी, जिसमें कुलदीप यादव ने 5 विकेट झटके थे। भारत ने अपनी पहली पारी में यशस्वी जायसवाल (175), शुभमन गिल (129) और साई सुदर्शन (87) की बदौलत 518/5 पर पारी घोषित की। इसके बाद भारत ने फॉलो-ऑन लागू किया। तीसरे दिन के अंत में वेस्टइंडीज दूसरी पारी में 173/2 पर थी, जिसमें कैंपबेल 87 और होप 66* रन बनाकर नाबाद थे, लेकिन तब भी वे 97 रनों से पीछे थे।
चौथे दिन की शुरुआत और कैंपबेल-होप की साझेदारी:
चौथे दिन वेस्टइंडीज ने 173/2 से खेलना शुरू किया। जॉन कैंपबेल और शाई होप ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर मुकाबला किया। कैंपबेल ने अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया, जब उन्होंने रवींद्र जडेजा की गेंद पर छक्का जड़कर 115 रन बनाए। यह उनके करियर का यादगार पल था, क्योंकि उन्होंने 174 गेंदों का सामना किया और भारतीय स्पिन आक्रमण को परेशान किया। होप के साथ उनकी तीसरी विकेट के लिए 177 रनों की साझेदारी हुई, जिसने वेस्टइंडीज को मैच में वापस ला दिया। इस साझेदारी ने वेस्टइंडीज को बढ़त दिलाई और भारतीय खेमे में चिंता पैदा की।
सुबह के सत्र में जडेजा ने आखिरकार कैंपबेल को LBW आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। कैंपबेल ने रिव्यू लिया, लेकिन फैसला उनके खिलाफ रहा। इस समय स्कोर 212/3 था। होप ने दोपहर के भोजन के बाद खेल जारी रखा और मोहम्मद सिराज की गेंद पर चौका लगाकर अपना पहला टेस्ट शतक पूरा किया – यह उनका आठ साल बाद का पहला शतक था (103 रन)। लेकिन सिराज ने जल्द ही बदला लिया और होप को बोल्ड कर दिया, जब गेंद थोड़ी नीची रहकर स्टंप्स पर लगी।
भारतीय गेंदबाजों का पलटवार और वेस्टइंडीज का पतन:
होप के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज की पारी में गिरावट आई। कुलदीप यादव ने फिर से अपनी फिरकी का जादू दिखाया और विकेटकीपर टेविन इमलाच को LBW आउट किया (2 रन)। जसप्रीत बुमराह और कुलदीप ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि सिराज ने दो विकेट चटकाए। वेस्टइंडीज की टीम एक समय मजबूत स्थिति में थी, लेकिन मध्यक्रम के बल्लेबाजों की जल्दबाजी और भारतीय गेंदबाजों की सटीकता ने उन्हें 5 विकेट महज 18 रनों पर गंवा दिए।
फिर भी, जस्टिन ग्रीव्स (50*) और जेडन सील्स (32) ने आखिरी विकेट के लिए 79 रनों की साझेदारी की, जो 133 गेंदों तक चली। इसने भारतीय आक्रमण को काफी परेशान किया। ग्रीव्स ने अपनी अर्धशतकीय पारी में संयम दिखाया, जबकि सील्स ने सीधे बल्ले से खेलकर रन जोड़े। आखिरकार, बुमराह ने सील्स को आउट कर पारी समाप्त की। वेस्टइंडीज दूसरी पारी में 390 रनों पर ऑलआउट हुई, जिससे भारत को 121 रनों का लक्ष्य मिला।
भारत टीम द्वारा लक्ष्य का पीछा और दिन का अंत:
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती झटका लगा, जब यशस्वी जायसवाल को जोमेल वारिकन ने आउट कर दिया। लेकिन भारत अभी भी मजबूत स्थिति में है, क्योंकि लक्ष्य छोटा है और पिच पर अब कम उछाल है। दिन के अंत तक भारत ने एक विकेट खोकर 63 रन बना लिए। पांचवें दिन भारत को यह लक्ष्य हासिल करने में ज्यादा मुश्किल नहीं होनी चाहिए, लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज अगर शुरुआती विकेट ले सकें तो मैच रोमांचक हो सकता है।
प्रमुख खिलाड़ियों का प्रदर्शन:
- जॉन कैंपबेल: 115 रन, पहला टेस्ट शतक, भारतीय स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक खेल।
- शाई होप: 103 रन, आठ साल बाद शतक, टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका।
- जस्टिन ग्रीव्स: 50* रन, आखिरी साझेदारी में धैर्यपूर्ण खेल।
- कुलदीप यादव: दूसरी पारी में 3 विकेट, कुल मैच में प्रमुख गेंदबाज।
- जसप्रीत बुमराह: 3 विकेट, नई गेंद से असरदार।
- मोहम्मद सिराज: 2 विकेट, होप का महत्वपूर्ण विकेट।
यह दिन वेस्टइंडीज की टीम के लिए सकारात्मक रहा, क्योंकि उन्होंने फॉलो-ऑन के बाद लड़ाई दिखाई। हालांकि, भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइन-अप को देखते हुए सीरीज 2-0 से जीतने की उम्मीद है। मैच का अंतिम दिन रोचक होने वाला है, जहां मौसम और पिच की स्थिति अहम भूमिका निभाएगी।
