by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के लिए चल रही बातचीत पर संतोष और सकारात्मकता व्यक्त की है। दोनों नेताओं का मानना है कि ये वार्ताएं न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देंगी, बल्कि दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर भी पैदा करेंगी।
प्रमुख एजेंडा और समझौते:
इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य व्यापारिक बाधाओं को दूर करना और एक ऐसा समझौता तैयार करना है जो दोनों देशों के उद्योगों और उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद हो। चर्चा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल हैं:
- टैरिफ (आयात शुल्क): अमेरिका और भारत एक-दूसरे के उत्पादों पर लगाए गए शुल्कों को कम करने पर विचार कर रहे हैं। इससे भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, जबकि अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में व्यापार करना आसान होगा।
- कृषि उत्पाद: भारतीय बाजार में अमेरिकी कृषि उत्पादों, जैसे बादाम और सेब, तक पहुंच बढ़ाना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
- डिजिटल व्यापार और बौद्धिक संपदा अधिकार: दोनों देश डिजिटल सेवाओं और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित नियमों को मानकीकृत करने पर भी चर्चा कर रहे हैं।
दोनों नेताओं की दृष्टिकोण:
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत एक खुली और निवेश-अनुकूल अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि भारत व्यापारिक संबंधों में संतुलन और परस्पर सम्मान का पक्षधर है।
वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इन वार्ताओं को “अभूतपूर्व” बताया है और कहा है कि दोनों देश जल्द ही एक महत्वपूर्ण समझौते पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक साझेदार के रूप में देखा है।
दोनों नेताओं की सकारात्मकता से यह उम्मीद जगी है कि जल्द ही कोई ठोस समझौता हो सकता है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे।
