by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आज नई दिल्ली में अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव बना हुआ है।
सीमा पर शांति और स्थिरता पर जोर:
एस. जयशंकर ने अपनी बातचीत में सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमा पर मौजूदा स्थिति का समाधान होना दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि जब तक सीमा पर तनाव बना रहेगा, तब तक दोनों देशों के बीच पूर्ण रूप से सामान्य संबंध स्थापित करना संभव नहीं है।
भारत लगातार इस बात पर बल देता रहा है कि 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुई झड़पों के बाद से सीमा पर शांति बहाल करना पहली प्राथमिकता है। इस बैठक में जयशंकर ने दोनों सेनाओं के बीच हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ताओं की प्रगति पर भी चर्चा की।
द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा:
सीमा मुद्दे के अलावा, दोनों विदेश मंत्रियों ने कई अन्य महत्वपूर्ण द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बात की। इनमें शामिल हैं:
- व्यापार और आर्थिक संबंध: दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने और व्यापार को अधिक संतुलित बनाने पर चर्चा हुई। भारत ने चीनी कंपनियों के लिए निवेश के अनुकूल माहौल बनाने की बात दोहराई।
- आतंकवाद विरोधी सहयोग: दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता पर जोर दिया।
- अन्य मुद्दे: सांस्कृतिक आदान-प्रदान, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई।
यह मुलाकात भारत की उस रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह चीन के साथ संवाद जारी रखते हुए अपनी चिंताओं को मजबूती से उठा रहा है। हालांकि, इस बैठक के बाद भी, यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए अभी भी लंबा रास्ता तय करना बाकी है।
