by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज को 2-0 से जीतकर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम किया। यह भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 10वीं टेस्ट सीरीज की जीत है, जो 1983-84 से चली आ रही इस श्रृंखला को मजबूत बनाती है। दूसरा और अंतिम टेस्ट दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में पांचवें दिन समाप्त हुआ, जहां भारत ने वेस्टइंडीज को फॉलो-ऑन कराने के बाद 58 रनों से हरा दिया। पहले टेस्ट में अहमदाबाद में इंग्लैंड एंड 140 रनों से मिली शानदार जीत के बाद यह परिणाम सीरीज को क्लीन स्वीप करने का परिणाम था। कप्तान शुभमन गिल ने कहा, “यह घरेलू सीजन की शानदार शुरुआत है। हमारी गेंदबाजी इकाई ने कमाल किया, और बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया।” यह जीत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) 2025-27 साइकिल में भारत को तीसरे स्थान पर मजबूत स्थिति प्रदान करती है।
पहला टेस्ट: अहमदाबाद में इंग्लैंड एंड 140 रनों से ऐतिहासिक जीत
वेस्टइंडीज का भारत दौरा 2 अक्टूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शुरू हुआ। भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और 336 रनों का मजबूत स्कोर बनाया। केएल राहुल (101), रवींद्र जडेजा (100) और ध्रुव जुरेल (100) की शतकीय पारियों ने भारत को मजबूत आधार दिया। वेस्टइंडीज की गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने शुरुआती झटके दिए, लेकिन जडेजा की ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को ऊपरी हाथ दिलाया।
वेस्टइंडीज की पहली पारी 196 रनों पर सिमट गई, जहां मोहम्मद सिराज ने चार विकेट झटके। भारत ने दूसरी पारी में घोषणा नहीं की और 336 की बढ़त के साथ वेस्टइंडीज को दूसरी पारी में भेजा। वेस्टइंडीज ने 196 रनों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन कुलदीप यादव की पांच विकेट हॉल ने उन्हें 196 पर ही रोक दिया। भारत ने सिर्फ तीन दिनों में मैच समाप्त कर 1-0 की बढ़त ली। जडेजा ने बल्ले और गेंद दोनों से कमाल किया—उनकी चार विकेट हॉल ने वेस्टइंडीज की पारी को ध्वस्त किया। यह मैच रविचंद्रन अश्विन के संन्यास के बाद जडेजा का पहला घरेलू टेस्ट था, और उन्होंने पुराने साथी की कमी महसूस न करने का दावा किया।
दूसरा टेस्ट: दिल्ली में 58 रनों से जीत, शुभमन गिल का शानदार शतक
दूसरा टेस्ट 10 अक्टूबर को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेला गया। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन भारत की स्पिन तिकड़ी—रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और वॉशिंगटन सुंदर—ने उन्हें 248 रनों पर समेट दिया। जॉन कैंपबेल (50) और शाई होप (45) ने संघर्ष किया, लेकिन सिराज और बुमराह की तेज गेंदबाजी ने शुरुआती विकेट सौंपे।
भारत ने पहली पारी में मजबूत जवाब देते हुए 518/5 रनों पर घोषणा की। कप्तान शुभमन गिल ने अपनी 10वीं टेस्ट शतकीय पारी खेली (112), जो उनकी कप्तानी में पांचवीं सेंचुरी थी। यशस्वी जायसवाल (80), साई सुदर्शन (75) और ध्रुव जुरेल (60*) ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। गिल ने कहा, “यह पारी टीम के लिए महत्वपूर्ण थी। हमने 270 रनों की बढ़त बनाई, जो निर्णायक साबित हुई।” वेस्टइंडीज को फॉलो-ऑन दिया गया, और उन्होंने दूसरी पारी में बेहतर प्रदर्शन किया—कैंपबेल ने पहली टेस्ट शतक (102) लगाया, जबकि होप ने आठ साल बाद शतक (109) जड़ा। रोस्टन चेस (55) ने भी योगदान दिया, लेकिन आखिरी विकेट के लिए जस्टिन ग्रीव्स और जयदेन सील्स की 79 रनों की साझेदारी ने मैच को लंबा खींचा।
भारत ने चौथे दिन 63/1 पर स्टंप्स लिया, लेकिन पांचवें दिन सुबह यशस्वी जायसवाल (30) और केएल राहुल (25*) ने बाकी के 58 रनों का पीछा आसानी से पूरा किया। जॉमेल वारिकन ने एक विकेट लिया, लेकिन भारत ने बिना कोई और नुकसान के लक्ष्य हासिल कर लिया। कुलदीप ने दूसरी पारी में तीन विकेट लिए, जबकि जडेजा ने कैंपबेल को एलबीडब्ल्यू आउट कर महत्वपूर्ण ब्रेकथ्रू दिया।
रिकॉर्ड और ऐतिहासिक महत्व:
यह जीत भारत की वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार 10वीं टेस्ट सीरीज की जीत है, जो 1983-84 के बाद से चली आ रही है। घरेलू मैदान पर भारत का रिकॉर्ड अब और मजबूत हो गया है—पिछले 12 वर्षों में कोई विदेशी टीम भारत को घर पर सीरीज नहीं जीत सकी। यह डब्ल्यूटीसी साइकिल में भारत की दूसरी लगातार जीत है, जिससे उनकी पॉइंट्स टेबल में स्थिति 55.56 प्रतिशत पर मजबूत हुई। शुभमन गिल ने कप्तानी में दूसरी सीरीज जीती, जबकि जडेजा ने अश्विन के बिना स्पिन विभाग को संभाला। वेस्टइंडीज ने बेहतर संघर्ष दिखाया, लेकिन भारत की गहराई ने उन्हें पछाड़ दिया।
खिलाड़ियों का प्रदर्शन और प्रतिक्रियाएं:
- भारत: शुभमन गिल (112), जडेजा (4/50, 100 पहले टेस्ट में), कुलदीप (8 विकेट सीरीज में), सिराज (7 विकेट)।
- वेस्टइंडीज: कैंपबेल (152 रन), होप (154 रन), लेकिन गेंदबाजी में कमजोरी।
गिल ने कहा, “टीम में संतुलन है। स्पिनरों का रोटेशन चुनौतीपूर्ण था, लेकिन हमने इसे संभाला।” जडेजा ने अश्विन को श्रद्धांजलि दी: “उनके बिना खेलना अजीब लगा, लेकिन टीम ने अच्छा किया।” वेस्टइंडीज कप्तान क्रेग ब्रैथवेट ने कहा, “हमने बेहतर बल्लेबाजी की, लेकिन भारत की ताकत के आगे टिक नहीं सके।”
सीरीज का व्यापक प्रभाव:
यह सीरीज भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले महत्वपूर्ण थी, जहां गिल को वनडे कप्तान भी बनाया गया है। वेस्टइंडीज की युवा टीम ने सुधार दिखाया, लेकिन अनुभव की कमी उजागर हुई। क्रिकेट विशेषज्ञों ने कहा कि भारत का घरेलू वर्चस्व अब अटूट हो गया है। यह जीत न केवल रिकॉर्ड तोड़ती है, बल्कि आने वाले चैलेंजों के लिए टीम को आत्मविश्वास देती है।
