by-Ravindra Sikarwar
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 सितंबर को अपनी पाँच राज्यों की यात्रा के अंतिम दिन, पश्चिम बंगाल और बिहार में दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने कुल ₹71,850 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
कोलकाता में कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन:
प्रधानमंत्री ने अपनी यात्रा की शुरुआत कोलकाता से की, जहाँ उन्होंने भारतीय सेना के पूर्वी कमान मुख्यालय फोर्ट विलियम में आयोजित 16वें कंबाइंड कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (CCC) 2025 का उद्घाटन किया। यह सम्मेलन तीन दिनों तक चलेगा।
- उद्देश्य और फोकस: इस वर्ष के सम्मेलन का विषय “वर्ष के सुधार – भविष्य के लिए परिवर्तन” है। इसका मुख्य ध्यान सशस्त्र बलों में संस्थागत सुधारों, गहरे एकीकरण और तकनीकी आधुनिकीकरण पर है।
- प्रमुख प्रतिभागी: इस उच्च-स्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुखों सहित कई वरिष्ठ सैन्य और सरकारी अधिकारी शामिल थे।
- रक्षा तैयारियों पर चर्चा: इस मंच पर भारत के शीर्ष नागरिक और सैन्य नेतृत्व ने देश की रक्षा तैयारियों और रणनीतिक चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया।
बिहार के पूर्णिया में नए हवाई अड्डे का उद्घाटन:
कोलकाता के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के पूर्णिया जिले का दौरा किया, जहाँ उन्होंने एक नए सिविल एन्क्लेव हवाई अड्डे का उद्घाटन किया। यह हवाई अड्डा बिहार के सीमांचल क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा।
- परियोजना का विवरण: इस हवाई अड्डे पर 2,800 मीटर लंबा रनवे और 4,000 वर्ग मीटर का टर्मिनल भवन है। यह अगले 40 वर्षों तक क्षेत्र की बढ़ती हवाई यातायात की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- आर्थिक और सामाजिक लाभ: यह पूर्णिया को पटना, गया और दरभंगा के बाद बिहार का चौथा कमर्शियल एयरपोर्ट बनाता है। इसके शुरू होने से सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों को सीधे हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा। इससे पहले, उन्हें उड़ान भरने के लिए पटना या कोलकाता जाना पड़ता था।
- अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएँ: हवाई अड्डे के उद्घाटन के अलावा, प्रधानमंत्री ने पूर्णिया में ₹36,000 करोड़ की कई अन्य विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ भी शामिल है, जिसका उद्देश्य बिहार के मखाना किसानों को बढ़ावा देना है। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को गृह प्रवेश भी करवाया और महिला स्वयं सहायता समूहों को ₹500 करोड़ वितरित किए।
यह यात्रा भारत की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और क्षेत्रीय बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
