By: Ravindra Sikarwar
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के बदरवास क्षेत्र में रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब ग्राम गुढाल डांग में वन भूमि पर किए जा रहे एक निर्माण को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से एक चर्च का निर्माण कराया जा रहा है और इसके माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों का कथित तौर पर धर्मांतरण कराया जा रहा है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में संगठन के लोग मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की मांग की।
अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन हरकत में
कार्यकर्ताओं के हंगामे और शिकायत के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा था, वह वन भूमि के अंतर्गत आती है। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन ढांचे को तोड़ दिया गया। प्रशासन का कहना है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण गैरकानूनी है और इस मामले में कानून के अनुसार सख्त कदम उठाए गए हैं।
धर्मांतरण के आरोपों की जांच जारी
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यहां ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उनका कहना था कि लोगों को इलाज, सहायता और अन्य प्रलोभनों के माध्यम से धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है। प्रशासन की टीम को मौके से ईसाई धर्म से जुड़ी कुछ किताबें और धार्मिक साहित्य भी मिला है, जिसे जांच के लिए जब्त किया गया है।
प्रशासन का पक्ष
बदरवास के तहसीलदार प्रदीप भार्गव ने बताया कि वन भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण को हटाना वन विभाग की जिम्मेदारी है, जिसे नियमानुसार पूरा किया गया। वहीं धर्मांतरण से जुड़े आरोपों को गंभीरता से लेते हुए उनकी विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इलाज के नाम पर बहकाने का आरोप
कार्यकर्ताओं का यह भी आरोप है कि रविवार को आसपास के गांवों से लोगों को एकत्र कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। इस दौरान शिवपुरी के एक चर्च से जुड़ी बताई जा रही एक महिला मौके से चली गई। सभा में मौजूद एक महिला ने दावा किया कि उनके परिवार में एक शिक्षक लंबे समय से बीमार थे और इलाज के लिए कई जगह भटकने के बाद उन्हें शांति नहीं मिली। इसी दौरान उन्हें धार्मिक सभा में बुलाया गया, जहां उन्हें ईसाई धर्म से जुड़ने के लिए कहा गया। हालांकि, इन दावों की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास
घटना के बाद क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात किया गया ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और चाहे अवैध निर्माण का मामला हो या धर्मांतरण से जुड़े आरोप, सभी की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
शिवपुरी के बदरवास क्षेत्र में सामने आया यह मामला न केवल अवैध निर्माण से जुड़ा है, बल्कि इससे सामाजिक और धार्मिक संवेदनाएं भी जुड़ी हुई हैं। प्रशासन की ओर से फिलहाल अवैध निर्माण को हटाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है, जबकि धर्मांतरण के आरोपों की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
