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by-Ravindra Sikarwar

दुबई: आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के उद्घाटन मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी श्रीलंका को 59 रनों से करारी शिकस्त देकर टूर्नामेंट में धमाकेदार शुरुआत की। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 265 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसका पीछा करने उतरी श्रीलंका 206 रनों पर सिमट गई। यह जीत न केवल भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी की सामूहिक ताकत को दर्शाती है, बल्कि टीम की समग्र रणनीति की सफलता का प्रमाण भी है।

मैच का रोमांचक सफर:
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने सावधानीपूर्वक शुरुआत की। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने 45 रनों की साझेदारी कर श्रीलंका के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। हालांकि, शेफाली को 28 रनों पर आउट किया गया, लेकिन स्मृति मंधाना ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और शतकीय पारी खेली। मंधाना ने 112 गेंदों पर नाबाद 134 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 4 छक्के शामिल थे।

मध्यक्रम में हरमनप्रीत कौर ने कप्तानी पारी खेलते हुए 68 रनों का योगदान दिया, जबकि अमनजोत कौर ने 42 रनों की उपयोगी पारी खेलकर स्कोर को गति प्रदान की। भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंका की स्पिन आक्रमण को बखूबी संभाला और विकेटों के बीच सतर्कता के साथ आक्रामकता का प्रदर्शन किया। अंतिम ओवरों में जेमिमाह रॉड्रिग्स ने 25 रनों की तेजतर्रार पारी खेलकर भारत को 265/5 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। श्रीलंका की ओर से काविशा दिलहारी ने 2 विकेट लिए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजी को रोकने में नाकाम रहीं।

गेंदबाजी में भारतीयों का जलवा:
265 रनों का लक्ष्य एक कठिन चुनौती था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि श्रीलंका की पारी कभी पटरी पर नहीं आई। सलामी गेंदबाज रेणुका सिंह ने शुरुआती झटका देते हुए चामारी अटापट्टू को 12 रनों पर आउट कर दिया। इसके बाद डेब्यूटेंट सायका यशस्वी ने अपनी लेग-स्पिन से श्रीलंका को परेशान किया और 3/32 के शानदार आंकड़े के साथ मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता।

हरलीन देओल ने मध्यम गति से 2 विकेट हासिल किए, जबकि पूजा वस्त्रकार ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से 2/28 के आंकड़े दर्ज किए। श्रीलंका की कप्तान चामारी अटापट्टू ने व्यक्तिगत 78 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज उनके साथ कदम न मिला सके। हर्षिता समरविक्रमा ने 35 रनों का योगदान दिया, लेकिन कुल मिलाकर श्रीलंकाई बल्लेबाजी 46.3 ओवरों में 206 रनों पर ढेर हो गई। भारतीय गेंदबाजों ने कुल 10 विकेट चटकाए, जिसमें कोई भी श्रीलंकाई बल्लेबाज अर्धशतक के करीब न पहुंच सका।

खिलाड़ियों के प्रदर्शन और रणनीति:
यह मैच भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की रणनीतिक कुशलता का नमूना था। उन्होंने बल्लेबाजी में गहराई का लाभ उठाया और गेंदबाजी में स्पिनरों को प्राथमिकता दी, जो दुबई की पिच पर कारगर साबित हुई। स्मृति मंधाना की शतकीय पारी न केवल टीम के स्कोर को मजबूत करने वाली थी, बल्कि युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनी। गेंदबाजी में सायका यशस्वी की उभरती हुई प्रतिभा ने कोच अमोल मुजुमदार को संतुष्ट किया।

श्रीलंका की टीम ने शुरुआत में आक्रामकता दिखाई, लेकिन मध्य ओवरों में विकेटों की झड़ी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। कप्तान अटापट्टू ने बाद में कहा, “हमने अच्छी शुरुआत की, लेकिन दबाव में विकेट गंवाए। भारत की गेंदबाजी शानदार थी।”

युवा स्तर पर भारत का दबदबा:
इस जीत के साथ ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी महिला विश्व कप 2025 में अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। इसके अलावा, भारत ने संबंधित जूनियर इवेंट्स में भी अपनी श्रेष्ठता साबित की है। अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेल महासंघ (आईएसएसएफ) जूनियर विश्व कप में भारत ने मेडल तालिका में शीर्ष स्थान हासिल किया है, जहां युवा निशानेबाजों ने 12 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। यह उपलब्धि क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों में भारत की उभरती प्रतिभाओं को दर्शाती है।

भविष्य की चुनौतियां:
भारतीय टीम का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा, जो विश्व कप का एक कठिन ग्रुप है। कप्तान हरमनप्रीत ने कहा, “यह जीत हमें प्रेरित करेगी, लेकिन हमें हर मैच में सर्वश्रेष्ठ देना होगा।” विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत अपनी फॉर्म बरकरार रखे, तो वह फाइनल तक पहुंच सकती है।

यह शानदार शुरुआत भारतीय महिला क्रिकेट के सुनहरे भविष्य का संकेत है। प्रशंसक अब उत्सुकता से अगले मैचों का इंतजार कर रहे हैं।

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