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By: Ravindra Sikarwar

कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) खाता नौकरी बदलने पर अक्सर पुराना पड़ जाता है। यदि आपका पुराना पीएफ खाता निष्क्रिय हो गया है, तो भी उसमें जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है। आप इसे आसानी से खोजकर निकाल सकते हैं या ट्रांसफर कर सकते हैं। नीचे चरणबद्ध तरीके से पूरी प्रक्रिया बताई गई है।

पुराने पीएफ खाते की खोज कैसे करें

पुराने पीएफ खाते का नंबर या बैलेंस पता करने के लिए निम्न तरीके अपनाएं:

  • यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) का उपयोग करें: यदि आपके पास यूएएन है, तो ईपीएफओ पोर्टल (unifiedportal-mem.epfindia.gov.in) पर लॉगिन करें। पासबुक देखें, जिसमें सभी पुराने खाते दिखेंगे।
  • पुरानी सैलरी स्लिप जांचें: पुरानी नौकरियों की सैलरी स्लिप में पीएफ नंबर लिखा होता है। इससे स्थापना (कंपनी) कोड और क्षेत्रीय कार्यालय का पता चल सकता है।
  • ईपीएफओ वेबसाइट पर स्थापना सर्च: epfindia.gov.in पर ‘Establishment Search’ विकल्प से पुरानी कंपनी का नाम डालकर खोजें। यदि रिकॉर्ड मिले, तो पीएफ डिटेल्स प्राप्त हो सकती हैं।
  • निकटतम ईपीएफओ कार्यालय जाएं: यदि ऑनलाइन नहीं मिल रहा, तो आधार कार्ड, पैन, पुरानी कंपनी का नाम, जॉइनिंग/लीविंग डेट लेकर क्षेत्रीय ईपीएफओ ऑफिस जाएं। अधिकारी डेटाबेस से पुराना पीएफ नंबर खोजकर बताएंगे।
  • शिकायत दर्ज करें: epfigms.gov.in पर पुराने या निष्क्रिय खाते से संबंधित शिकायत दर्ज करें। ईपीएफओ मदद करेगा।

यूएएन सक्रिय करना और केवाईसी अपडेट

निकासी के लिए यूएएन जरूरी है:

  • यदि यूएएन नहीं है, तो ईपीएफओ पोर्टल पर ‘Know Your UAN’ से मोबाइल नंबर, आधार या पैन से प्राप्त करें।
  • यूएएन सक्रिय करें और आधार, पैन, बैंक अकाउंट की केवाईसी अपडेट करें। इससे ऑनलाइन निकासी आसान हो जाती है।

पुराने पीएफ से धन निकासी की प्रक्रिया

निष्क्रिय खाते से भी पूरी राशि निकाली जा सकती है, लेकिन कुछ नियम हैं:

  • ऑनलाइन निकासी (यदि यूएएन और केवाईसी अपडेट है):

  1. unifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर यूएएन और पासवर्ड से लॉगिन करें।

  2. ‘Online Services’ में ‘Claim (Form-31, 19, 10C)’ चुनें।

  3. बैंक डिटेल्स वेरिफाई करें और फाइनल सेटलमेंट के लिए फॉर्म 19 चुनें।

  4. ओटीपी से सबमिट करें। राशि कुछ दिनों में बैंक में ट्रांसफर हो जाएगी।

  • ऑफलाइन निकासी:

  – कंपोजिट क्लेम फॉर्म (आधार) या (नॉन-आधार) डाउनलोड करें (epfindia.gov.in से)।

  – फॉर्म भरें, कैंसिल चेक संलग्न करें और निकटतम ईपीएफओ ऑफिस में जमा करें।

  – यदि सेवा 5 वर्ष से कम है, तो फॉर्म 15G/15H भी लगाएं (टैक्स बचाने के लिए)।

  • महत्वपूर्ण नियम:

  – नौकरी छोड़ने के 2 महीने बाद पूरी निकासी संभव।

  – 36 महीने तक निष्क्रिय रहने पर भी ब्याज मिलता रहता है।

  – 5 वर्ष से कम सेवा पर निकासी टैक्सेबल हो सकती है (टीडीएस कटेगा यदि राशि 50,000 से अधिक)।

ट्रांसफर का विकल्प

निकासी की बजाय, यदि नई नौकरी है, तो पुराने खाते को नए में ट्रांसफर करें (फॉर्म 13 से)। इससे ब्याज और टैक्स लाभ मिलता रहता है।

यदि समस्या आए, तो ईपीएफओ हेल्पलाइन या क्षेत्रीय ऑफिस से संपर्क करें। यह प्रक्रिया सरल है और आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित वापस मिल जाएगी।

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