by-Ravindra Sikarwar
अशोकनगर: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिला अस्पताल में एक ऐसी घटना घटी, जिसने सभी को हैरान कर दिया। सर्जिकल वार्ड में भर्ती देवेंद्र यादव नामक मरीज ने अपने दो रिश्तेदारों के साथ अस्पताल के बेड पर ही शराब पी ली। हाथ में ड्रिप लगे होने के बावजूद उन्होंने गिलासों में शराब भरकर छक ली। नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया, वीडियो बनाया और कड़ी फटकार लगाई। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
घटना की पूरी समयरेखा:
| समय/तारीख | घटना का विवरण |
| 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार रात 8:30 बजे | सर्जिकल वार्ड में देवेंद्र यादव और उनके दो रिश्तेदार बेड पर बैठे शराब पीने लगे। हाथ में ड्रिप लगी थी। |
| 30 अक्टूबर 2025, गुरुवार रात 8:30 बजे | नर्सिंग ऑफिसर गायत्री चौधरी ड्यूटी पर पहुंचीं। गिलास हाथ में देखा तो रिश्तेदारों ने छिपाने की कोशिश की, लेकिन नर्स ने रोक लिया। |
| फटकार के बाद | मरीज और रिश्तेदार शर्मिंदा हो गए, गलती स्वीकार की और माफी मांग ली। वादा किया कि दोबारा नहीं करेंगे। |
| 31 अक्टूबर 2025 | वीडियो वायरल। अस्पताल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी। |
वीडियो में क्या दिखा?
- मरीज देवेंद्र यादव बेड पर बैठे, हाथ में ड्रिप, गिलास में शराब।
- दो रिश्तेदार साथ बैठे, पीते हुए।
- नर्स आती हैं, गिलास उठाकर दिखाती हैं – “शराब ही है!”
- फटकार: “हम दिन-रात जागकर मरीजों का इलाज करते हैं। ये हमारा मंदिर है, भगवान का घर। यहां शराब? घर बाहर जाकर पियो!”
नर्स गायत्री चौधरी का पूरा बयान:
“आप लोग यह चीज कर रहे हो। हम यहां मरीजों को ठीक करने के लिए हैं। रात-रात भर जागते हैं, तबीयत खराब करके इलाज करते हैं। घर के बाहर पियो, लेकिन अस्पताल में? ये पेशेंट की जगह है, हमारा मंदिर। लोग भगवान का घर समझते हैं। शर्म नहीं आती?”
अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई:
- सिविल सर्जन डॉ. भूपेंद्र सिखावत ने कहा: “नर्सिंग ऑफिसर ने बिल्कुल सही किया। अस्पताल में ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। मरीज और रिश्तेदारों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।”
- जांच जारी: स्टाफ की लापरवाही पर भी नजर।
मरीज के बारे में:
- देवेंद्र यादव: अशोकनगर जिले के निवासी। सर्जिकल वार्ड में भर्ती, लेकिन बीमारी का खुलासा नहीं।
- रिश्तेदारों के नाम गोपनीय।
यह घटना सरकारी अस्पतालों में अनुशासन की कमी को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर लोग नर्स की तारीफ कर रहे हैं, लेकिन अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं। जांच पूरी होने का इंतजार।
