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अंतिम चरण के कैंसर रोगियों के लिए मानवता का अनूठा केंद्र

Hospice : जबलपुर के गोपालपुर लम्हेटाघाट क्षेत्र में स्थित विराट हॉस्पिस सिर्फ एक चिकित्सा संस्थान नहीं, बल्कि संवेदना, सम्मान और मानवीय गरिमा का जीवंत उदाहरण है। यह वह स्थान है जहां जीवन की अंतिम अवस्था में पहुंचे कैंसर रोगियों को न केवल चिकित्सा देखभाल मिलती है, बल्कि भावनात्मक संबल और अपनापन भी दिया जाता है। यहां मरीज और उनके परिजनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाता, चाहे वह इलाज हो, रहना हो या भोजन।

जब इलाज नहीं, तब भी देखभाल जरूरी

Hospice विराट हॉस्पिस की चेयरपर्सन साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी का मानना है कि “जब तक जीवन है, तब तक भावनाएं भी जीवित रहती हैं।” अक्सर ऐसा होता है कि जब कैंसर अंतिम चरण में पहुंच जाता है, तो अस्पताल मरीज को घर ले जाने की सलाह दे देते हैं। ऐसे समय में कई परिवार असहाय हो जाते हैं।
विराट हॉस्पिस ऐसे ही रोगियों के लिए आश्रय बनता है, जहां उन्हें दर्द प्रबंधन, देखभाल और एक शांत, संवेदनशील वातावरण दिया जाता है। मरीज के साथ एक परिजन को भी यहां रहने की अनुमति होती है, ताकि वह अकेलापन महसूस न करे।

एक सच्ची घटना से जन्मा विचार

Hospice इस सेवा केंद्र की नींव एक मार्मिक अनुभव से पड़ी। साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के आश्रम में रहने वाली एक जनजातीय युवती कैंसर से पीड़ित थी। करीब तीन वर्षों तक संघर्ष के बाद जब डॉक्टरों ने जवाब दे दिया, तो उसे आश्रम वापस लाया गया। परिजनों के अभाव में आश्रम ने ही उसकी पूरी सेवा की, लेकिन अंततः उसकी मृत्यु हो गई।
इस घटना ने साध्वी जी को भीतर तक झकझोर दिया और उन्होंने महसूस किया कि ऐसे कई लोग होंगे, जिन्हें अंतिम समय में सम्मानजनक देखभाल की जरूरत है। यहीं से विराट हॉस्पिस की कल्पना ने आकार लिया।

Hospice विदेश से प्रेरणा, स्थानीय सेवा

Hospice हॉस्पिस की अवधारणा को समझने के लिए साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने यूनाइटेड किंगडम में प्रचलित मॉडल का अध्ययन किया। शुरुआत में किराए के एक ड्यूप्लेक्स से काम शुरू हुआ, हालांकि कैंसर मरीजों को लेकर लोगों की आशंकाओं के कारण जगह मिलना आसान नहीं था। चार वर्षों तक सीमित संसाधनों में सेवा चलाने के बाद गोपालपुर लम्हेटाघाट में स्थायी भवन बनाया गया।
आज यहां 28 बिस्तरों की सुविधा है और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ 24 घंटे मरीजों की सेवा में जुटा रहता है। मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अखिलेश गुमास्ता भी नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

आगे की योजना: निःशुल्क कैंसर अस्पताल

Hospice विराट हॉस्पिस के पास ही जल्द एक निःशुल्क कैंसर अस्पताल शुरू होने जा रहा है। इसके शुरू होने से हॉस्पिस और अस्पताल मिलाकर करीब 100 बिस्तरों की सुविधा उपलब्ध होगी। यहां कैंसर रोगियों का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।
इसके अलावा, साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के मार्गदर्शन में नर्सरी से 12वीं तक का एक विद्यालय भी संचालित हो रहा है, जो सेवा और शिक्षा के उनके व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

निष्कर्ष
विराट हॉस्पिस यह साबित करता है कि चिकित्सा सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं होती। कभी-कभी एक स्पर्श, एक मुस्कान और सम्मान से भरा व्यवहार ही किसी के अंतिम सफर को शांत और अर्थपूर्ण बना देता है।

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