by-Ravindra Sikarwar
कुरनूल: आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना ने कई परिवारों को शोक की चादर ओढ़ा दी है। गुरुवार रात को हैदराबाद से बेंगलुरु जा रही एक निजी वॉल्वो बस की मोटरसाइकिल से जोरदार टक्कर हो गई, जिसके बाद बाइक के ईंधन टैंक से रिसे हुए पेट्रोल ने भीषण आग लगा दी। आग की लपटों ने पूरी बस को घेर लिया, जिसमें सवार 20 से अधिक यात्री जिंदा जलकर मर गए। घटना कुरनूल के चिन्नाटेकुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर शुक्रवार तड़के करीब 3:30 बजे घटी। बस में कुल 41 यात्री सवार थे, जिनमें से 12 ने खिड़कियां तोड़कर किसी तरह जान बचाई, लेकिन बाकी आग की चपेट में फंस गए। स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया है, और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम:
पुलिस और जिला कलेक्टर डॉ. ए. सिरि के अनुसार, कावेरी ट्रैवल्स की यह लक्जरी स्लीपर बस गुरुवार रात 10:30 बजे हैदराबाद से रवाना हुई थी। यात्रियों के अधिकांश सो रहे थे जब बस ने सामने आ रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक बस के नीचे फंस गई और उसके पेट्रोल टैंक से ईंधन रिसने लगा। इससे चिंगारियां उड़ीं और कुछ ही पलों में आग ने पूरी बस को लील लिया। डीआईजी कोया प्रवीण ने बताया, “बस का डीजल टैंक सुरक्षित रहा, लेकिन अंदर मौजूद ज्वलनशील सामग्री ने आग को तेजी से फैलने दिया। दरवाजे जाम हो गए थे, जिससे कई यात्री बाहर नहीं निकल सके।” प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि धुआं इतना घना हो गया कि लोग बेहोश हो गए, और कई तो दम घुटने से मारे गए।
बचाव दल ने सुबह तक आग बुझाई, और अब 11 शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि 9 अन्य की तलाश जारी है। घायलों को कुरनूल सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। एक जीवित बचे यात्री ने बताया, “ड्राइवर की सीट के पीछे बैठा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ और आग की लपटें फैल गईं। मैंने खिड़की तोड़ी और कूद गया। कई लोग चीखते रहे, लेकिन मदद न पहुंच सकी।”
कारणों की जांच और सुरक्षा चिंताएं:
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण नहीं थे, और आपातकालीन निकास सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे। कुरनूल कलेक्टर ने कहा, “टक्कर के बाद ड्राइवर ने बस तुरंत रोकी नहीं, जिससे आग फैल गई। हम बस के रखरखाव और चालक की लापरवाही की पड़ताल कर रहे हैं।” विशेषज्ञों का मानना है कि प्राइवेट बसों में सुरक्षा मानकों का पालन न होने से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। आंध्र प्रदेश परिवहन विभाग ने सभी निजी ऑपरेटरों के लिए सुरक्षा ऑडिट का आदेश जारी किया है।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं और सहायता:
इस विपत्ति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “कुरनूल जिले में हुई इस दुर्घटना से जान गंवाने वालों के लिए बेहद दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। पीएमएनआरएफ से प्रत्येक मृतक के परिजन को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।” राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसे “गहन दुर्भाग्यपूर्ण” बताते हुए संवेदना जताई।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने तत्काल राहत का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “चिन्नाटेकुर गांव के पास हुई इस भयानक घटना से स्तब्ध हूं। प्रभावित परिवारों को पूर्ण सहयोग देंगे। घायलों के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी।” तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी शोक व्यक्त किया और दोनों राज्यों के अधिकारियों से समन्वय बनाने को कहा। परिवहन मंत्री मंडिपल्ली राम प्रसाद रेड्डी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच की निगरानी कर रहे हैं।
प्रभाव और सबक:
यह हादसा सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है, खासकर व्यस्त राजमार्गों पर रात्रिकालीन यात्रा के दौरान। कुरनूल में सामान्यतः भारी ट्रैफिक रहता है, और ऐसी दुर्घटनाएं यात्रियों की जान जोखिम में डाल रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्राइवेट बसों के लिए अनिवार्य फायर सेफ्टी किट और नियमित जांच की मांग की है। पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजे की उम्मीद है, जबकि यह घटना पूरे देश को सतर्क करती है कि सुरक्षा पहले, गति बाद में।
