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by-Ravindra Sikarwar

तारकेश्वर (पश्चिम बंगाल): पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर में एक अमानवीय अपराध ने क्षेत्रवासियों को झकझोर दिया है। एक 4 साल की मासूम लड़की, जो अपनी नानी के बगल में रेलवे के शेड के निकट सो रही थी, का शुक्रवार रात एक अज्ञात शख्स ने मच्छरदानी फाड़कर उठा लिया और उसके साथ हैवानियत की। बच्ची को शनिवार दोपहर नंगा छोड़कर खून में डूबा हुआ और गाल पर दंश लिए एक नाले के पास पटक दिया गया। वह फिलहाल चंदननगर अस्पताल में खतरे से बाहर लेकिन गंभीर चोटों से जूझ रही है, जहां चिकित्सकों ने उसके शरीर पर भयावह घावों और आंतरिक नुकसान की तस्दीक की है। पुलिस ने बीएनएस और POCSO कानून की धाराओं में मुकदमा कायम किया है, तथा रविवार भोर में एक नामजद आरोपी को हत्थे चढ़ाया गया है।

घटना का क्रम: मासूम, जो बनजारा जाति से है, अपने कुन-बा-कुन के साथ तारकेश्वर रेलवे स्टेशन के पास एक अस्थायी छतनुमा जगह पर गुजारा कर रही थी। कुटुंब ने खुलासा किया कि उनके मकानों को हाल में उजाड़ दिया गया था, जिस वजह से वे फुटपाथ पर आश्रित हो चुके थे। शुक्रवार रात (8 नवंबर 2025) ठीक 10 बजे के आसपास, बच्ची अपनी नानी के साथ एक खाटिया पर मच्छरदानी के अंदर सोई हुई थी। नानी ने बयान दिया, “वह मेरे बाजू में लेटी थी। सुबह करीब 4 बजे पता चला कि वह लापता है। मैं सोती रही, न समझ पाई कि कब कोई घुसा और मच्छरदानी चीरकर उसे भगा ले गया।” घरवालों ने भी कहा कि चुपचाप होने से उन्हें रात भर भनक न लगी।

शनिवार सुबह (9 नवंबर 2025) लगभग 12 बजे, ग्रामीणों ने नाले किनारे बच्ची को नंगा और रक्तरंजित अवस्था में देखा। वह अचेत थी और उसके गाल पर दांतों के दाग थे, जो अपराधी की शिनाख्त में कारगर साबित हो सकते हैं। लोगों ने उसे तुरंत नजदीकी चिकित्सालय ले जाकर चंदननगर सब-डिवीजनल अस्पताल भेजा। वहां मेडिकल जांच से यौन शोषण की सच्चाई सामने आई, जिसमें आंतरिक घाव और खून की उल्टी शामिल थी। बच्ची की स्थिति नियंत्रण में है लेकिन चिंताजनक, और एक विशेषज्ञ चिकित्सा पैनल उसका उपचार कर रहा है।

कुटुंब ने शनिवार दोपहर तारकेश्वर थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर इल्जाम लगाया कि शुरुआत में एफआईआर में टालमटोल हुई। अधिकारी ने पोस्ट किया, “तारकेश्वर में 4 साल की बच्ची पर जुल्म। परिजन थाने गये, लेकिन केस नहीं लिखा! अस्पताल ले गये, फिर चंदननगर ट्रांसफर। पुलिस गुनाह छिपाने में मशगूल। ममता बनर्जी की ‘सबकी मर्जी’ वाली हुकूमत का काला सच।” हालांकि, हुगली ग्रामीण पुलिस के सीनियर अधिकारी ने सफाई दी कि शिकायत पर तुरंत केस दर्ज हो गया और तहकीकात आरंभ हो चुकी। पुलिस ने वीडियो रिकॉर्डिंग, आसपास के साक्ष्यों और नमूनों को संग्रहित किया है। रविवार सुबह एक स्थानीय कामगार को हिरासत में लिया गया, जिसके विरुद्ध शुरुआती प्रमाण इकट्ठे हुए हैं।

तहकीकात के अब तक के 5 भयावह राज:

  1. अपहरण का अंदाज: अपराधी ने चाकू जैसी चीज से मच्छरदानी फाड़ी, जो आसानी से मिल जाती है। इससे लगता है कि गुनहगार इलाके का जानकार हो सकता है।
  2. जगह: रेलवे शेड एक क्षणिक आश्रय था, जहां बनजारा परिवार बसते थे। घरवालों ने कहा कि बुलडोजर की कार्रवाई के बाद वे यहां पनाह लिए थे।
  3. मासूम की दशा: चेकअप में बलात्कार की पुष्टि हुई, साथ ही काटने के चिह्न जो डीएनए टेस्ट के लिए उपयोगी साबित होंगे।
  4. राजनीतिक हंगामा: भाजपा ने राज्य प्रशासन पर उदासीनता का ठप्पा लगाया, जबकि टीएमसी ने कहा कि पुलिस फौरन हरकत में है।
  5. सुरक्षा चिंताएं: रेलवे के आसपास घनी बस्तियां और अंधेरी गलियां अपराध को आसान बनाती हैं।

यह वारदात पश्चिम बंगाल में नन्हे-मासूमों पर उमड़ते अत्याचारों की कड़ी का हिस्सा मालूम पड़ रही है। बीते महीने कोलकाता में एक वैसा ही वाकया हुआ था, जहां 6 साल की बच्ची का अपहरण हो गया था। जानकारों का मानना है कि बनजारा जैसे सांस्कृतिक समुदायों को मजबूत मकान और हिफाजत की दरकार है। पुलिस ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और फरारों की तड़प जारी है। बच्ची के परिजनों ने इंसाफ की गुहार लगाई है और कहा कि वे अपराधी को कड़ी सजा दिलवाएंगे। केस अदालत पहुंच चुका है, अगली पेशी 15 नवंबर को तय है। यह हादसा कानून-व्यवस्था पर सवाल तो खड़े करता ही है, समाज में बच्चों की हिफाजत पर गहरी चिंता भी जगाता है।

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